उत्तराखण्ड

Uttarakhand Snowfall Update: वसंत पंचमी पर उत्तराखंड में भारी हिमपात और बारिश से बदला मौसम

Uttarakhand Snowfall Update: उत्तराखंड में लंबे समय से चल रहा सूखे का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है और वसंत पंचमी के पावन अवसर पर समूचे प्रदेश में कुदरत का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शुक्रवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में इस सीजन की पहली मूसलाधार बारिश और भारी बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे (Winter Season) न केवल तापमान में भारी गिरावट आई है बल्कि ठिठुरन भी काफी बढ़ गई है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और देहरादून जैसे जिलों में कुदरत के इस बदले मिजाज ने जनजीवन को प्रभावित किया है, लेकिन साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं।

Uttarakhand Snowfall Update
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हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर

मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, पहाड़ी जिलों के उन तमाम इलाकों में जमकर हिमपात हुआ है जिनकी ऊंचाई 2300 मीटर या उससे अधिक है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे पवित्र धामों में बर्फ की मोटी परत जम गई है, जबकि (High Altitude) पर्यटन स्थलों जैसे मसूरी, धनोल्टी, चकराता और औली में भी सैलानियों को सीजन का बेहतरीन नजारा देखने को मिल रहा है। यह पिछले कई सालों में पहली बार हुआ है जब सीजन की पहली ही बर्फबारी ने राज्य के लगभग सभी छोटे-बड़े पहाड़ी कस्बों को पूरी तरह से सफेद कर दिया है।

लंबे इंतजार के बाद बरसीं राहत की बूंदें

उत्तराखंड में बारिश का यह दौर करीब ढाई महीने के लंबे अंतराल के बाद आया है, क्योंकि इससे पहले नवंबर 2025 के शुरुआती हफ्ते में हल्की बूंदाबांदी हुई थी। बारिश न होने के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात पैदा हो रहे थे और खेती-बाड़ी पर भी (Natural Precipitation) संकट मंडराने लगा था। आमतौर पर दिसंबर के अंत तक होने वाली बर्फबारी इस बार काफी देरी से हुई है, जिससे स्थानीय निवासी और बागवान थोड़े चिंतित थे। अब इस बर्फबारी ने बागवानी और रबी की फसलों के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं।

मौसम विभाग का आगामी पूर्वानुमान और चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र ने संकेत दिए हैं कि बर्फबारी और बारिश का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है और 29 जनवरी तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। शनिवार को भी पांच प्रमुख जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने की (Weather Forecast) प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 26 जनवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद है, जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। आने वाले दो-तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने से मैदानी इलाकों में कोहरा भी बढ़ सकता है।

सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों में घोषित किया अवकाश

खराब मौसम और भारी ठंड को देखते हुए शासन ने सुरक्षा के लिहाज से प्रदेश के नौ जिलों में शनिवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ (Educational Institutions) समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों के जिलाधिकारियों ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि बच्चों को बर्फबारी और बारिश के बीच होने वाली फिसलन और कड़ाके की ठंड से बचाया जा सके। कई इलाकों में सड़कों पर बर्फ जमने के कारण यातायात संचालन में भी दिक्कतें आ रही हैं।

पर्यटन स्थलों पर उमड़ा सैलानियों का हुजूम

बर्फबारी की खबर मिलते ही दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटकों ने पहाड़ों की रुख किया है। मसूरी के लाल टिब्बा और धनोल्टी के सुरकंडा क्षेत्र में पर्यटकों ने (Tourism Industry) बर्फ के साथ जमकर मस्ती की और इस पल को यादगार बनाया। होटल व्यवसायियों में भी इस बर्फबारी से खुशी की लहर है, क्योंकि पिछले कुछ समय से मंदी झेल रहे पर्यटन क्षेत्र में अब बुकिंग बढ़ने की पूरी उम्मीद जाग गई है। हालांकि, माल रोड और अन्य संकरे रास्तों पर वाहनों के फिसलने की वजह से कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।

हवाई सेवाओं पर मौसम की मार

खराब दृश्यता और तेज हवाओं का असर देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला, जहाँ मुंबई से आ रही एक फ्लाइट लैंड नहीं कर सकी। हवा का दबाव इतना अधिक था कि पायलट को सुरक्षा के लिहाज से (Aviation Safety) विमान को दिल्ली की ओर मोड़ना पड़ा। इसके अलावा पुणे और दिल्ली से आने वाली उड़ानें भी अपने निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंचीं। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के कारण कई महत्वपूर्ण मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन ने जेसीबी और अन्य मशीनें तैनात कर दी हैं

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