Threat Investigation – उत्तराखंड के कई सरकारी दफ्तरों और धार्मिक स्थलों को मिली बम धमाके की धमकी, प्रशासन सतर्क…
Threat Investigation – उत्तराखंड में पुलिस थानों, नगर निकाय कार्यालयों, रेलवे स्टेशन और प्रमुख धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सोशल मीडिया पोस्ट और ई-मेल के माध्यम से भेजे गए इन संदेशों ने प्रशासनिक तंत्र में हलचल पैदा कर दी है। हरिद्वार और मसूरी समेत कई स्थानों पर सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है, जबकि पुलिस विभिन्न स्तरों पर मामले की जांच में जुटी हुई है।

सोशल मीडिया पोस्ट के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्य के सभी पुलिस थानों को 25 जून को निशाना बनाने की धमकी सोशल मीडिया पर साझा की गई थी। इस संबंध में मंगलवार को संबंधित पुलिस अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में एक इंस्टाग्राम प्रोफाइल से आपत्तिजनक और धमकीपूर्ण संदेश पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान जिस मोबाइल नंबर और प्रोफाइल की पहचान हुई है, वह हरियाणा के अंबाला निवासी एक व्यक्ति से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस उसकी भूमिका और पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है।
ई-मेल में कई संवेदनशील स्थानों का उल्लेख
मंगलवार सुबह हरिद्वार नगर निगम के आधिकारिक ई-मेल पते पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। इस ई-मेल में हरिद्वार नगर निगम कार्यालय, रेलवे स्टेशन, केदारनाथ, बदरीनाथ और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी। संदेश मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल सतर्कता बढ़ा दी।
विवादित संगठन का नाम लेकर दी गई चेतावनी
धमकी भरे ई-मेल में एक कथित खालिस्तान समर्थक संगठन का नाम भी शामिल किया गया है। संदेश में कई राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियों का उल्लेख करते हुए जून से 4 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर हमलों की चेतावनी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संदेशों की सत्यता और स्रोत की पुष्टि के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
मसूरी में एहतियातन खाली कराया गया पालिका परिसर
धमकी मिलने के बाद मसूरी नगर पालिका परिसर को एहतियातन खाली करा दिया गया। बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा टीमों ने पूरे परिसर की गहन जांच की। जानकारी के अनुसार, नगर पालिका और एसडीएम कार्यालय के ई-मेल पते पर भी इसी प्रकार का संदेश भेजा गया था। स्थानीय प्रशासन ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हरिद्वार में सुरक्षा जांच तेज
हरिद्वार नगर निगम परिसर में बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
कर्णप्रयाग घटना से जोड़कर भी देखी जा रही जांच
पुलिस इस मामले को हाल ही में कर्णप्रयाग में हुए विवाद से जोड़कर भी जांच रही है। जून के मध्य में वहां निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की घटना सामने आई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। अधिकारियों का मानना है कि कुछ असामाजिक तत्व इस तरह की धमकियों के जरिए प्रदेश में भय का माहौल बनाने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं।
फिलहाल पुलिस, साइबर सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर धमकी देने वालों की पहचान और उनके उद्देश्य का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।