उत्तराखण्ड

WeatherShift – उत्तराखंड में मई की ठंडक ने बदला मौसम का पूरा मिजाज

WeatherShift – उत्तराखंड में इस बार मई का मौसम बीते वर्षों की तुलना में काफी अलग नजर आ रहा है। आमतौर पर इस समय देहरादून, हल्द्वानी, नैनीताल और अन्य मैदानी इलाकों में तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिलता था, लेकिन लगातार बारिश और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

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राज्य के कई हिस्सों में दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाया करता था, लेकिन इस बार यह 29 से 31 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

तीन दिन तक बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने पर्वतीय जिलों के लिए अगले तीन दिनों तक बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 8 से 10 मई के बीच पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 11 मई से पूरे प्रदेश में फिर से मौसम बदलने के संकेत हैं और कई जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है, लेकिन पहाड़ों में लगातार बादल छाए रहने और वर्षा होने की संभावना बनी रहेगी।

तापमान में आई उल्लेखनीय गिरावट

बीते वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मई के पहले सप्ताह में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जाता था। वर्ष 2024 में छह मई को तापमान 38.4 डिग्री और सात मई को 37 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री के आसपास था।

इस बार लगातार बारिश के कारण मौसम ठंडा बना हुआ है। दिन के समय भी ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिनकी रफ्तार 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा तक रिकॉर्ड की गई है। वातावरण में नमी का स्तर भी काफी अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को सुबह और शाम हल्की ठंड का एहसास हो रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी

मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के मुताबिक राज्य में बारिश का मुख्य कारण लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आने वाली नम हवाएं हैं। उन्होंने बताया कि 11 मई के बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश में फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मौसम का पैटर्न सामान्य वर्षों से अलग है। इसका असर सिर्फ तापमान पर ही नहीं, बल्कि लोगों की दिनचर्या और कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है।

गर्मी से जुड़े कारोबार पर असर

लगातार बारिश और ठंडे मौसम का असर बाजार पर भी पड़ा है। देहरादून समेत कई शहरों में एसी, कूलर और पंखों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम की बिक्री भी काफी कम हो गई है।

स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि मई और जून का महीना आमतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार के लिए सबसे व्यस्त समय माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम की वजह से ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच रहे हैं। कई दुकानों में सामान का स्टॉक जमा हो गया है और बिक्री उम्मीद से काफी कम है।

कई जिलों में दर्ज हुई बारिश

गुरुवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। नैनीताल में 8.5 मिलीमीटर, रुड़की में 7.5 मिलीमीटर और पिथौरागढ़ में 3.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा थल, देवाल, पोखरी और पंचेश्वर जैसे क्षेत्रों में भी वर्षा हुई।

मौसम विभाग ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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