उत्तराखण्ड

WeatherUpdate – मई की शुरुआत में उत्तराखंड में बारिश और ओलों से लौटी ठंड

WeatherUpdate – उत्तराखंड में मई के महीने की शुरुआत इस बार सामान्य से बिल्कुल अलग रही है। जहां आमतौर पर इस समय तक गर्मी तेज हो जाती है, वहीं प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में ठंड ने फिर से दस्तक दे दी है। बीते कुछ दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज कराई है। सुबह और रात के समय लोगों को ठंड महसूस हो रही है, जिससे कई इलाकों में पंखे, कूलर और यहां तक कि एसी तक बंद करने पड़े हैं। कुछ स्थानों पर लोगों को कंबल का सहारा लेना पड़ रहा है, जो मई के महीने में असामान्य स्थिति मानी जा रही है।

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बारिश और ठंडी हवाओं से बदला मौसम का मिजाज

देहरादून सहित कई मैदानी क्षेत्रों में सोमवार को धूप तो निकली, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण उसका असर कम महसूस हुआ। शाम होते-होते मौसम ने फिर करवट ली और कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मसूरी और आसपास के इलाकों में भी तेज बारिश ने तापमान को और नीचे गिरा दिया। मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब छह डिग्री कम रहा, जबकि पहाड़ी इलाकों में यह गिरावट नौ डिग्री तक पहुंच गई। विभाग ने मंगलवार के लिए भी कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मसूरी में ओलावृष्टि से बढ़ी ठंड

मसूरी में मौसम ने अचानक पलटी मारी और करीब आधे घंटे तक ओलावृष्टि हुई। इससे छतों और सड़कों पर सफेद परत जम गई, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। शाम के समय तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान तेजी से गिरा और लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े। माल रोड जैसे व्यस्त इलाकों में भी पर्यटकों की संख्या कम नजर आई, क्योंकि अधिकांश लोग मौसम खराब होने पर अपने होटलों की ओर लौट गए। दिन में तेज धूप के बाद शाम को मौसम का यह बदलाव लोगों के लिए अप्रत्याशित रहा।

रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज हुई बारिश

राज्य में मई के पहले चार दिनों के भीतर ही सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। जहां इस अवधि में औसतन 7.5 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार यह आंकड़ा 37.5 मिमी तक पहुंच गया है, जो लगभग 398 प्रतिशत अधिक है। पिछले 24 घंटों के भीतर देहरादून, पंतनगर और मुक्तेश्वर में चार साल बाद सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। देहरादून में 39 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो हाल के वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ती है। यह बदलाव मौसम के असामान्य व्यवहार की ओर इशारा करता है।

बदरीनाथ में बर्फबारी से बढ़ी ठंडक

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का असर और भी अधिक देखने को मिला है। बदरीनाथ धाम में अचानक मौसम बदलने के बाद नर-नारायण और नीलकंठ पर्वत पर बर्फबारी हुई। इसके कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और क्षेत्र में ठंड बढ़ गई। तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस समय के हिसाब से काफी कम है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई है और बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कपाट खुलने के बाद से अब तक लाखों श्रद्धालु यहां आ चुके हैं।

अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि तीन से चार दिनों के भीतर तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मौसम फिर सामान्य की ओर लौटेगा।

रात के तापमान में आई तेज गिरावट

प्रदेश के कई हिस्सों में रात के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। नई टिहरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री कम होकर आठ डिग्री तक पहुंच गया, जो पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड है। मुक्तेश्वर में भी तापमान पांच साल के न्यूनतम स्तर पर 5.9 डिग्री दर्ज किया गया। मसूरी में यह 6.9 डिग्री तक गिर गया, जबकि देहरादून और पंतनगर में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहा। इस गिरावट के कारण लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं।

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