PigeonFeeding – सिंगापुर में कबूतरों को दाना डालने पर बुजुर्ग महिला पर भारी जुर्माना
PigeonFeeding – सिंगापुर में कबूतरों को खाना खिलाने की आदत एक बुजुर्ग महिला के लिए महंगी साबित हुई है। स्थानीय अदालत ने 71 वर्षीय भारतीय मूल की नागरिक सनमुगमनाथन शामला पर वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन के तहत 3,200 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 2.27 लाख रुपये बैठता है। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि महिला ने लगभग छह महीने की अवधि में नौ अलग-अलग मौकों पर सार्वजनिक स्थान पर कबूतरों को दाना डाला था। मामला राजधानी के सबसे पुराने रिहायशी इलाकों में से एक टोआ पेयो हाउसिंग एस्टेट से जुड़ा है, जहां बार-बार शिकायतें मिलने के बाद अधिकारियों ने अदालत का रुख किया था। न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नियमों की बार-बार अवहेलना को हल्के में नहीं लिया जा सकता, भले ही आरोपी की उम्र अधिक हो।

टोआ पेयो में बार-बार उल्लंघन
जांच के दौरान सामने आया कि शामला ने अपने आवास के आसपास खुले में पक्षियों को दाना डालना एक नियमित आदत बना लिया था। नेशनल पार्क्स बोर्ड के अधिकारियों ने कई बार उन्हें चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद यह सिलसिला नहीं रुका। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के अनुसार, उन्होंने अलग-अलग दिनों में सार्वजनिक स्थानों पर अनाज और खाने के बचे हुए टुकड़े फैलाए, जिससे बड़ी संख्या में कबूतर इकट्ठा हो जाते थे। स्थानीय निवासियों ने इसे स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिहाज से समस्या बताया था, क्योंकि इससे गंदगी फैलती थी और पक्षियों की बढ़ती संख्या से असुविधा होती थी। प्रशासन का कहना था कि यह मामला केवल एक व्यक्तिगत आदत का नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा है।
पहली सजा के बाद भी आदत नहीं बदली
यह पहली बार नहीं था जब शामला कानून के घेरे में आई थीं। पिछले साल मई में भी उन्हें अवैध रूप से पक्षियों को खाना खिलाने और एनपार्क्स के कबूतर पकड़ने के अभियान में बाधा डालने के आरोप में 1,200 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। उस समय उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया था कि भविष्य में वे ऐसा नहीं करेंगी। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने बताया कि महज एक महीने बाद ही उन्होंने फिर से कबूतरों को दाना डालना शुरू कर दिया और यह क्रम जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा। अदालत ने इसे कानून की जानबूझकर अवहेलना माना और कहा कि पिछली सजा भी उनके व्यवहार में बदलाव लाने में विफल रही।
सख्त कानून और संभावित दंड
सिंगापुर में वन्यजीव संरक्षण को लेकर नियम काफी सख्त हैं। वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत बिना लिखित अनुमति के जंगली जानवरों या पक्षियों को खाना खिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस नियम का उल्लंघन करने पर हर बार 10,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि खुले में पक्षियों को दाना डालने से न केवल शहरी पर्यावरण प्रभावित होता है, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ता है। इसी वजह से प्रशासन ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करता है, ताकि लोग कानून का सम्मान करें और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई बनी रहे।
अदालत में दलीलें और अंतिम फैसला
सुनवाई के दौरान शामला बिना किसी वकील के अदालत में पेश हुईं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वे बेरोजगार हैं और उनके पास चिकित्सा बीमा भी नहीं है। उन्होंने अदालत से 1,000 से 2,000 सिंगापुर डॉलर के बीच जुर्माना लगाने का अनुरोध किया और शेष राशि सामुदायिक सेवा के रूप में चुकाने की पेशकश की। हालांकि, न्यायाधीश ने उनकी उम्र और परिस्थितियों पर विचार करने के बावजूद यह स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह के उल्लंघन को रोकने के लिए पर्याप्त आर्थिक दंड जरूरी है। अंततः अदालत ने 3,200 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना तय किया, जिसे शामला ने तुरंत अदा करने पर सहमति जताई। यह मामला सिंगापुर में सार्वजनिक नियमों के प्रति सख्ती और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।



