AviationProbe – अजित पवार विमान हादसे पर ठनका रोहित पवार का माथा, उठाए गंभीर सवाल…
AviationProbe – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने हाल ही में हुए उस विमान हादसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी। मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में रोहित पवार ने कहा कि इस दुर्घटना को केवल एक सामान्य हादसा मान लेना जल्दबाज़ी होगी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और बहुस्तरीय जांच की मांग करते हुए संकेत दिया कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी गहराई से पड़ताल जरूरी है।

जांच एजेंसियों की भूमिका पर उठाए सवाल
रोहित पवार का कहना है कि इस तरह की संवेदनशील और उच्च-प्रोफाइल दुर्घटना की जांच केवल राज्य की अपराध जांच विभाग (CID) तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ एजेंसियों को भी इसमें शामिल किया जाए। उनके अनुसार, राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो और ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच जैसी संस्थाओं को तकनीकी जांच में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जब मामला एक वरिष्ठ नेता की मौत से जुड़ा हो, तब जांच प्रक्रिया पर किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए।
पायलट के रिकॉर्ड को लेकर उठे प्रश्न
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने विमान उड़ा रहे कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अतीत में शराब के सेवन के कारण कपूर को तीन साल के लिए निलंबित किया गया था। रोहित ने सवाल किया कि क्या इस तरह के रिकॉर्ड वाले पायलट को वीआईपी उड़ान की जिम्मेदारी देना उचित था?
उन्होंने यह भी दावा किया कि सह-पायलट शांभवी पाठक को लियरजेट उड़ाने का अधिक अनुभव था। ऐसे में अंतिम क्षणों में फैसले किस आधार पर लिए गए, यह स्पष्ट होना चाहिए।
वीएसआर कंपनी पर संदेह
दुर्घटनाग्रस्त विमान की मालिकाना कंपनी ‘वीएसआर’ को लेकर भी रोहित पवार ने शंकाएं जताईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में इसी कंपनी के एक अन्य विमान से जुड़ा हादसा हो चुका है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है। इसके बावजूद कंपनी का संचालन लाइसेंस क्यों बरकरार है और उसके विमानों का उपयोग उच्च पदस्थ नेताओं द्वारा क्यों किया जा रहा है, यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
रोहित ने आरोप लगाया कि कंपनी का नियामक अधिकारियों पर प्रभाव हो सकता है, जिससे उसे सख्त कार्रवाई से बचाया जाता रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों पर चर्चा
रोहित पवार ने दुर्घटना से ठीक पहले की परिस्थितियों को भी संदिग्ध बताया। उन्होंने पूछा कि क्या विमान का ट्रांसपोंडर अंतिम क्षणों में बंद किया गया था? यदि हां, तो क्यों?
उनके मुताबिक, मूल रूप से निर्धारित पायलट यातायात में फंस गए थे, लेकिन सुमित कपूर और शांभवी पाठक समय पर हवाई अड्डे कैसे पहुंचे, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि दृश्यता की समस्या के बावजूद रनवे 11 पर उतरने का प्रयास क्यों किया गया।
रोहित का कहना है कि यदि तकनीकी या मौसम संबंधी जोखिम थे, तो वैकल्पिक निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
शरद पवार का अलग मत
जहां रोहित पवार ने साजिश की आशंका जताई है, वहीं एनसीपी संस्थापक शरद पवार ने पहले ही इस घटना को एक दुखद दुर्घटना बताया था। उन्होंने किसी भी प्रकार की साजिश की संभावना से इनकार किया था।
परिवार के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग मत सामने आने से राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि दोनों ही पक्षों ने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर सहमति जताई है।
महाराष्ट्र में उठते सवाल
इस हादसे के बाद पूरे महाराष्ट्र में शोक और असमंजस का माहौल है। रोहित पवार ने कहा कि आम लोग भी यह जानना चाहते हैं कि यह महज दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई गहरी वजह छिपी है।
उन्होंने कहा कि कई लोग अभी भी इस घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में पारदर्शी जांच ही अफवाहों पर विराम लगा सकती है।



