BudgetUpdate – विधानसभा चुनाव से पहले आएगा योगी सरकार का अंतिम बजट
BudgetUpdate – अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की योगी 2.0 सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल का आखिरी आम बजट बुधवार को विधानसभा में पेश करने जा रही है। यह बजट आकार के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है, जिसके नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। चुनावी साल से पहले सरकार की कोशिश है कि विकास और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन बनाते हुए हर वर्ग तक अपनी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए।

बुनियादी ढांचे और कल्याण योजनाओं पर दोहरा फोकस
सरकार की प्राथमिकता इस बार भी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक योजनाओं के विस्तार पर रहेगी। पिछले बजट में मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की गई थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाने की तैयारी है। इसके साथ ही शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली सहायता राशि में भी वृद्धि की संभावना है। मौजूदा एक हजार रुपये की मासिक पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने पर विचार चल रहा है। इससे समाज के कमजोर तबकों को सीधा आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष प्रावधान
आर्थिक रूप से पिछड़े माने जाने वाले पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों को विशेष तवज्जो मिल सकती है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत नई आधारभूत परियोजनाओं के लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपये तक की व्यवस्था की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में रोजगार और निवेश को बढ़ावा देना है, ताकि क्षेत्रीय असमानता कम हो सके।
कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्तावित है। इसमें बजट मसौदे को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही विभिन्न विभागों से जुड़ी कैग रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर रखने की अनुमति भी दी जाएगी।
बैठक में यूपीसीडा, लखनऊ मेट्रो, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। चित्रकूट लिंक परियोजना और लखीमपुर में औद्योगिक इकाई स्थापना से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश संभव
सूत्रों के अनुसार, इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया जा सकता है। कानून-व्यवस्था को सरकार अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती रही है, ऐसे में गृह विभाग के बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। यह राशि 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
साइबर सुरक्षा और एआई आधारित निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए भी अलग से धनराशि रखे जाने की चर्चा है।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को राहत की उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अनुदेशकों के मानदेय और एरियर को लेकर सरकार पर दबाव बना हुआ है। प्रदेश में करीब 25 हजार अनुदेशक और 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं। अनुमान है कि इस मद में लगभग 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।
युवाओं के लिए डिजिटल और कौशल पहल
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत वितरित किए जा रहे टेबलेट की संख्या बढ़ाई जा सकती है। अब तक लाखों युवाओं को इससे जोड़ा जा चुका है और सरकार दायरा विस्तार की तैयारी में है।
इसके अलावा कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन की संभावना है, ताकि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। विभिन्न क्षेत्रों में स्किल प्रशिक्षण के नए मॉड्यूल भी पेश किए जा सकते हैं।
शिक्षा और शहरी विकास को बढ़ावा
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बजट में वृद्धि के संकेत हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के विस्तार, जर्जर स्कूलों के जीर्णोद्धार और ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर की स्थापना के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।
शहरी क्षेत्रों में नई टाउनशिप विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत बड़ी राशि का आवंटन संभव है। मेट्रो परियोजनाओं और लोक निर्माण विभाग के बजट में बढ़ोतरी से सड़क और कनेक्टिविटी नेटवर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक निवेश को गति देने की तैयारी
उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न नीतिगत रियायतों का दायरा बढ़ाया जा सकता है। नए औद्योगिक कॉरिडोर की घोषणा भी संभव है। डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने के लिए धनराशि दी जा सकती है।
सड़क, पुल, बाईपास और ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण पर विशेष ध्यान रहेगा। दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षा उपायों पर भी बजट में प्रावधान किया जा सकता है।



