झारखण्ड

DemolitionAction – हजारीबाग में पूर्व मंत्री के घर पर चला बुलडोजर

DemolitionAction – झारखंड के हजारीबाग जिले में गुरुवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के पैतृक मकान को ध्वस्त कर दिया। यह कदम NTPC के कोयला खनन परियोजना के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत उठाया गया। केरेडारी थाना क्षेत्र के जोरदाग गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

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कोयला परियोजना के विस्तार में आ रही थी बाधा
प्रशासन के अनुसार, चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना के विस्तार में यह जमीन बाधा बन रही थी। NTPC के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका था, लेकिन संबंधित भूखंड का कब्जा नहीं मिल पा रहा था। इसी वजह से प्रशासन को कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करनी पड़ी।

तीन मशीनों से की गई कार्रवाई, पुलिस रही तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन ने तीन भारी मशीनों की मदद से मकान को गिराया। अधिकारियों के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या सामने नहीं आई।

मुआवजे को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद
इस मामले में जमीन के मुआवजे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, NTPC और योगेंद्र साव के बीच मुआवजे की राशि को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। प्रशासन ने कई बार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

करीब 1500 वर्गफीट जमीन का लेना था कब्जा
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि पर NTPC को कब्जा दिलाना जरूरी था। यह जमीन लगभग 1500 वर्गफीट में फैली हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि कोयला धारक अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई और परियोजना के लिए आवश्यक जमीन का कब्जा कंपनी को सौंप दिया गया।

मुआवजा राशि पर भी सामने आए तथ्य
NTPC के अनुसार, जमीन के बदले लगभग 1.97 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह राशि संबंधित पक्ष द्वारा स्वीकार नहीं की गई, जिसके बाद इसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत ट्रिब्यूनल में जमा करा दिया गया। इसके बावजूद जमीन खाली नहीं होने पर प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई की।

परिवार ने जताया विरोध, न्यायिक प्रक्रिया का सहारा
कार्रवाई के बाद योगेंद्र साव के परिवार की ओर से नाराजगी जाहिर की गई है। उनकी बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस कदम को अनुचित बताते हुए कहा कि वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगी। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कानूनी रास्ते अपनाने की बात कही है।

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