CyberFraud – लोन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
CyberFraud – गोरखपुर में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को बैंक से लोन दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करता था और फिर उन्हीं के जरिए ठगी को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का संचालन कई जिलों तक फैला हुआ था।

लोन और योजनाओं के नाम पर बनाते थे शिकार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पहले लोगों को आसान शर्तों पर लोन दिलाने का भरोसा देते थे। इसके लिए वे आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लेते थे। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नए सिम कार्ड जारी करवाकर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिली रकम को इधर-उधर करने में किया जाता था।
गोरखपुर में बना रखा था फर्जी ऑफिस
गिरोह ने गोरखपुर के एक इलाके में अपना कार्यालय भी स्थापित कर रखा था, जहां से वे लोगों को बुलाकर प्रक्रिया पूरी करते थे। कई मामलों में आरोपियों ने लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का उपयोग भी किया। पुलिस का कहना है कि इस तरह का सेटअप बनाकर वे खुद को वैध संस्था जैसा दिखाते थे।
शिक्षक से ठगी के मामले से खुला राज
इस गिरोह का खुलासा एक शिकायत के बाद हुआ, जिसमें एक शिक्षक ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी की जानकारी दी थी। आरोपियों ने उनके बैंक खाते, एटीएम और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर बड़ी रकम का लेनदेन किया। जब खाते में गड़बड़ी सामने आई, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा।
छापेमारी में मिले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट सहित कई दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा फर्जी मुहरें, हस्ताक्षरित चेक, पासबुक और एटीएम कार्ड भी मिले हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया जा रहा था। बरामद सामग्री से गिरोह की कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा रहा है।
कई जिलों में फैला नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों का संबंध गोरखपुर के अलावा देवरिया, मऊ और बलिया जैसे जिलों से बताया जा रहा है। वहीं, जांच में कुछ अन्य शहरों के लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह काफी बड़े स्तर पर सक्रिय था।
कई खातों से हुआ बड़ा लेनदेन
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने कई लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर बड़ी रकम का लेनदेन किया। कुछ मामलों में नए खाते खोले गए, जबकि कुछ में मौजूदा खातों का दुरुपयोग किया गया। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है।
फर्जी दस्तावेज से लोन कराने का भी खुलासा
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी नकली दस्तावेज तैयार कर लोन पास कराने में भी शामिल थे। उनके पास से विभिन्न विभागों की नकली मुहरें और दस्तावेज बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरीके से कितने लोगों को प्रभावित किया गया।



