FuelPrices – पेट्रोल-डीजल दरों पर बढ़ा दबाव, कंपनियों पर टिकीं बाजार की नजरें…
FuelPrices – देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले कई वर्षों से सरकारी तेल कंपनियों की ओर से स्थिर रखी गई हैं, लेकिन निजी कंपनियों द्वारा हाल में किए गए मूल्य बदलावों ने बाजार में नई चर्चा शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निजी ईंधन कंपनियों ने अपने रेट में इजाफा किया है, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता भी बढ़ी है।

जानकारी के अनुसार, शेल इंडिया और नायरा एनर्जी जैसी निजी कंपनियों ने बीते दिनों पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे। इसके बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले समय में सरकारी तेल कंपनियां भी अपने दामों में बदलाव कर सकती हैं।
निजी कंपनियों ने बढ़ाए ईंधन के दाम
शेल इंडिया ने अप्रैल की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 7 रुपये से अधिक और डीजल में 25 रुपये से ज्यादा की वृद्धि की थी। हालांकि उसके बाद से कंपनी ने फिर कोई नया बदलाव नहीं किया है।
इसी तरह नायरा एनर्जी ने भी मार्च के अंत में ईंधन की कीमतें बढ़ाई थीं। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया था। वर्तमान में नायरा के आउटलेट्स पर पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें कई शहरों में सरकारी कंपनियों के मुकाबले अलग स्तर पर बनी हुई हैं।
प्रीमियम ईंधन के दाम भी बढ़े
सामान्य ईंधन के साथ-साथ प्रीमियम श्रेणी के पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल अब कई जगहों पर 160 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं प्रीमियम डीजल के दाम में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
ईंधन बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर प्रीमियम उत्पादों पर जल्दी दिखाई देता है। यही वजह है कि इन श्रेणियों में मूल्य परिवर्तन पहले नजर आते हैं।
प्रमुख शहरों में क्या हैं मौजूदा रेट
देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के आधार पर अलग-अलग बनी हुई हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में ईंधन दरों में मामूली अंतर देखा जा रहा है।
दिल्ली में पेट्रोल 101 रुपये के आसपास और डीजल करीब 88 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। वहीं मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतें 103 से 107 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी हैं। जयपुर, बेंगलुरु और कोलकाता में भी ईंधन दरें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। इससे तेल आयात करने वाले देशों की लागत बढ़ रही है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है। तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ने से आने वाले समय में मूल्य संशोधन की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सरकारी कंपनियों पर टिकी बाजार की नजर
फिलहाल इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों ने अपने खुदरा रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो सरकारी कंपनियां भी भविष्य में मूल्य वृद्धि पर विचार कर सकती हैं।
उपभोक्ता फिलहाल बाजार की स्थिति और कंपनियों के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले हफ्तों में वैश्विक बाजार की दिशा घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित कर सकती है।