DigitalGovernance – एक पोर्टल पर मिलेंगी शहरी सेवाएं, निकायों में बड़ा बदलाव
DigitalGovernance – शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए नगर निकायों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नगर विकास विभाग एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की तैयारी कर रहा है, जहां नागरिकों को अधिकांश सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। इस पहल के तहत राज्य के 264 नगर निकायों को एकीकृत पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे आम लोगों के लिए प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

एकीकृत सिस्टम से खत्म होगा अलग-अलग प्रक्रियाओं का झंझट
अब तक अलग-अलग नगर निकायों में सेवाओं के लिए अलग नियम और प्रक्रियाएं लागू थीं। कई मामलों में लोगों को बार-बार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी। नगर विकास विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन के तहत ई-गवर्नेंस आधारित सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जो सभी निकायों में एक समान प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।
एक क्लिक पर मिलेगी कई जरूरी सुविधाएं
प्रस्तावित पोर्टल पर नागरिकों को कई तरह की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इसमें प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, व्यापार लाइसेंस, भवन नक्शा स्वीकृति, शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा पानी और सीवरेज कनेक्शन, विज्ञापन अनुमति, एनओसी और सफाई से जुड़ी सेवाएं भी इसी प्लेटफॉर्म के जरिए ली जा सकेंगी। इससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
निगरानी से बढ़ेगी जवाबदेही और पारदर्शिता
इस डिजिटल सिस्टम की खास बात यह है कि नागरिकों द्वारा दर्ज की गई समस्याएं सीधे संबंधित निकाय तक पहुंचेंगी और उनकी मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर से की जाएगी। इससे न केवल शिकायतों के समाधान की गति बढ़ेगी, बल्कि जवाबदेही भी तय हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे विकास कार्यों में दोहराव की समस्या भी कम होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
परियोजना पर पांच वर्षों में बड़ा निवेश
नगर विकास विभाग इस पूरी परियोजना पर अगले पांच वर्षों में करीब 120 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहा है। सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। विभाग का कहना है कि यह निवेश शहरी प्रशासन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
कर्मचारियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए नगर निकायों के कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई जाएगी, जो सिस्टम के संचालन और निगरानी का जिम्मा संभालेगी। सरकार की योजना है कि ई-गवर्नेंस के जरिए प्रशासन को अधिक सुगम और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।