WeatherImpact – उत्तराखंड में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित
WeatherImpact – उत्तराखंड में रविवार को बदले मौसम ने पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक व्यापक असर डाला। तेज आंधी, बारिश और कई स्थानों पर ओलावृष्टि के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति ठप होने और जगह-जगह जलभराव जैसी समस्याओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। पर्यटकों को भी आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है।

दिन में छाया अंधेरा, अचानक बदला मौसम
सुबह से ही कई जिलों में मौसम का मिजाज बदलने लगा था। गढ़वाल और कुमाऊं के कई हिस्सों में काले बादल छा गए, जिससे दिन के समय ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई और कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। तेज हवा के कारण कई स्थानों पर पेड़ और उनकी टहनियां टूटकर सड़कों और बिजली लाइनों पर गिर गईं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
यातायात और सेवाओं पर पड़ा असर
देहरादून समेत कई शहरों में तेज हवाओं के चलते होर्डिंग्स और बिजली के पोल गिर गए, जिससे सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। कई इलाकों में जलभराव के कारण वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से रेल सेवाएं करीब तीन घंटे तक बाधित रहीं और कई ट्रेनें देरी से चलीं। जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर भी खराब मौसम का असर देखने को मिला, जहां कई उड़ानें निर्धारित समय से देर से पहुंचीं।
भूस्खलन से हाईवे बाधित
उत्तरकाशी जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे गंगोत्री हाईवे करीब दो घंटे तक बंद रहा। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम किया, जिसके बाद मार्ग को फिर से चालू किया जा सका।
मकानों और गांवों को भारी नुकसान
देहरादून जिले के त्यूणी क्षेत्र में आंधी-तूफान का असर सबसे अधिक देखा गया। यहां 15 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचा और कई घरों की छतें उड़ गईं। करीब 50 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवाओं और बारिश के कारण घरों के अंदर रखा सामान भी खराब हो गया। जिन मकानों की छतें उड़ गई थीं, वहां अगले दिन की बारिश ने हालात और खराब कर दिए।
खेती को भी झटका, किसान चिंतित
इस मौसम ने किसानों की मेहनत पर भी असर डाला है। त्यूणी क्षेत्र में गेहूं की खड़ी और कटी फसल का लगभग आधा हिस्सा खराब हो गया। इसके अलावा टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में भी फसलों और सब्जियों को नुकसान की खबरें सामने आई हैं। किसान अब प्रशासन से नुकसान का आकलन कर राहत देने की मांग कर रहे हैं।
धार्मिक स्थलों पर भी सतर्कता बढ़ी
लगातार बारिश के बाद टिहरी बांध से पानी छोड़े जाने की संभावना को देखते हुए ऋषिकेश में गंगा के जलस्तर को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और गंगा घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए
राज्य के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जहां-जहां नुकसान हुआ है, वहां राहत और बचाव कार्य जारी हैं। मौसम विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।