उत्तर प्रदेश

SmartMeter – यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को मिली राहत, अतिरिक्त सिक्योरिटी शुल्क वापस

SmartMeter – उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदलने के बाद अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी वसूलने का फैसला अब वापस ले लिया गया है। पावर कॉर्पोरेशन ने देर रात अपना आदेश संशोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं से नई दरों के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा राशि नहीं ली जाएगी। पहले जमा की गई सिक्योरिटी ही मान्य मानी जाएगी।

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विरोध के बाद बदला गया फैसला

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की आपत्ति के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने अपना आदेश बदला। परिषद ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा था कि वर्षों पहले जमा की गई सुरक्षा राशि को नजरअंदाज कर नई दरों से रकम मांगना उचित नहीं है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसे उपभोक्ताओं के हित में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला बताया।

करोड़ों रुपये का पड़ सकता था बोझ

पहले जारी आदेश के मुताबिक, पोस्टपेड प्रणाली में लौटने वाले उपभोक्ताओं को नई कॉस्ट डेटा बुक-2025 के अनुसार बढ़ी हुई सिक्योरिटी मनी जमा करनी पड़ती। इसका असर करीब 83 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना थी। कई उपभोक्ताओं को हजारों रुपये अतिरिक्त जमा करने पड़ सकते थे, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी।

पुराने कनेक्शनों को लेकर उठा सवाल

उपभोक्ता परिषद का कहना था कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे बिजली कनेक्शन हैं, जो 10 से 20 साल पुराने हैं। इन कनेक्शनों के लिए उस समय लागू नियमों के तहत सिक्योरिटी राशि जमा की गई थी। परिषद ने तर्क दिया कि उपभोक्ताओं ने पहले ही अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी थी, इसलिए बाद में सिस्टम बदलने के नाम पर उनसे दोबारा अतिरिक्त राशि नहीं मांगी जा सकती।

प्रीपेड और पोस्टपेड बदलाव से बना था विवाद

जब बिजली विभाग ने पोस्टपेड कनेक्शनों को प्रीपेड प्रणाली में बदला था, तब उपभोक्ताओं की जमा सुरक्षा राशि को उनके प्रीपेड खाते में समायोजित कर दिया गया था। अब दोबारा पोस्टपेड प्रणाली लागू होने पर नई सिक्योरिटी जमा करने की मांग की जा रही थी। इसी मुद्दे को लेकर उपभोक्ता संगठनों ने सवाल उठाए और इसे नियमों के विपरीत बताया।

नियामक आयोग तक पहुंचने की थी तैयारी

उपभोक्ता परिषद ने इस मामले को लेकर विद्युत नियामक आयोग में प्रस्ताव ले जाने की तैयारी भी कर ली थी। परिषद का कहना था कि तकनीकी बदलावों का वित्तीय बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डालना उचित नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया, तो बड़े स्तर पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

जून से नई बिलिंग व्यवस्था लागू

पावर कॉर्पोरेशन के अनुसार, सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड प्रणाली में बदले जा रहे हैं। मई 2026 में हुई बिजली खपत का बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा। उपभोक्ताओं को बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाएंगे। हर महीने की 10 तारीख तक बिल उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

भुगतान के लिए तय होगी समय सीमा

नई व्यवस्था के तहत बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी कारण से डिजिटल माध्यम से बिल नहीं पहुंचता, तो उपभोक्ता मैनुअल रीडिंग के आधार पर भी बिल प्राप्त कर भुगतान कर सकेंगे। विभाग का दावा है कि नई प्रणाली से बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।

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