UPNLWorkers – उपनल कर्मियों को अब स्थायी कर्मचारियों जैसा मिलेगा डीए लाभ
UPNLWorkers – उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके वेतन और भत्तों से जुड़ी व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। अब समान कार्य करने वाले उपनल कर्मियों को समान वेतन के साथ महंगाई भत्ता भी नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में संशोधित अनुबंध प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे लंबे समय से चल रही कर्मचारियों की मांग पूरी होती नजर आ रही है।

संशोधित अनुबंध को मिली मंजूरी
कार्मिक विभाग के सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि नए अनुबंध प्रारूप को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही इसे सभी विभागों को जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद विभाग अपने यहां कार्यरत उपनल कर्मचारियों के साथ नई शर्तों के अनुसार अनुबंध प्रक्रिया शुरू करेंगे। सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि अब तक डीए को लेकर कर्मचारियों के बीच काफी भ्रम बना हुआ था। पहले यह माना जा रहा था कि उपनल कर्मियों के लिए महंगाई भत्ता सीमित या तय दर पर ही रहेगा, लेकिन संशोधित प्रस्ताव में इसे स्पष्ट कर दिया गया है कि डीए का लाभ नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर मिलेगा।
सेवा शर्तों में भी हुआ बदलाव
नई व्यवस्था में केवल वेतन और डीए ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा से जुड़े कई अहम बदलाव भी किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पहले जारी अनुबंध में मौजूद कई श्रेणियों को हटाकर व्यवस्था को सरल बनाया गया है। अब कर्मचारी जिस पद पर काम करेगा, उसी पद के अनुरूप उसे मानदेय दिया जाएगा।
सरकार ने प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर कर्मचारियों को सीधे हटाने की प्रक्रिया पर भी रोक लगाने की दिशा में कदम उठाया है। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पड़ती है, तो उसे अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारी को एक स्तर वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष पक्ष रखने का अधिकार दिया जाएगा।
लंबे समय से चल रही थी मांग
उपनल कर्मचारी लंबे समय से समान कार्य के बदले समान वेतन और भत्तों की मांग उठा रहे थे। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने कई बार सरकार के सामने यह मुद्दा रखा था। कर्मचारियों का कहना था कि नियमित कर्मचारियों की तरह काम करने के बावजूद उन्हें सुविधाएं कम मिल रही थीं। ऐसे में सरकार का यह फैसला उनके लिए राहतभरा माना जा रहा है।
केंद्र सरकार से बजट जारी करने की मांग
इसी बीच समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरन रिजिजू से मुलाकात की। बैठक के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं पर चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 के तहत कई परियोजनाओं पर काम जारी है और लंबित बजट जल्द जारी करने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया गया है।
उन्होंने अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए नए प्रस्तावों को मंजूरी देने की मांग भी रखी। छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई।
नमामि गंगे परियोजनाओं पर केंद्र का भरोसा
उधर, हरिद्वार कुंभ और गंगा की स्वच्छता को लेकर भी राज्य सरकार को केंद्र से सकारात्मक संकेत मिले हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर नमामि गंगे परियोजनाओं में सहयोग का भरोसा दिया है।
बताया गया है कि 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर वित्तीय सहायता देने को लेकर प्रक्रिया जारी है। संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।