PoliceModernization – तेज हुई यूपी पुलिस संचार व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी
PoliceModernization – उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस संचार व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पुलिस प्रणाली में तकनीक आधारित सुधारों पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पुलिस रेडियो नेटवर्क और निगरानी तंत्र को अत्याधुनिक बनाया जाए। इस संबंध में रविवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

सुरक्षित संचार व्यवस्था पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेटवर्क सिस्टम में किसी भी तरह की तकनीकी सेंधमारी की संभावना खत्म करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दूरदराज के इलाकों तक निर्बाध संचार व्यवस्था पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस प्रतिक्रिया तेज और प्रभावी हो सके।
सभी थानों की लाइव निगरानी की तैयारी
सरकार अब प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए केंद्रीय डैशबोर्ड तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस सिस्टम के जरिए कानून-व्यवस्था की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाई जा सकेगी।
बैठक में विभागीय संरचना को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ और पश्चिमी क्षेत्र का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित किया जाए, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी और संचालन में आसानी हो।
संचार उपकरणों की खरीद में हुई बचत
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान पुलिस थानों के लिए कई नए संचार उपकरण खरीदे गए। इनमें फ्लैट बेस मास्ट, बैटरियां, बैकपैक सेट और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाए गए हैं।
सरकार ने बताया कि रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरण खरीद में करोड़ों रुपये की बचत हुई। अधिकारियों का कहना है कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो पाया है।
डिजिटल वायरलेस सेवाओं की नई योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजना के तहत राज्य के 12 जिलों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस परियोजना पर लगभग 47 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसके अलावा पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर, दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ सपोर्टेड मास्ट और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के लिए नई हैंडहेल्ड वायरलेस प्रणाली विकसित करने की योजना भी सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पुलिस की फील्ड कम्युनिकेशन क्षमता मजबूत होगी।
मानव संसाधन प्रबंधन भी होगा डिजिटल
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के मानव संसाधन प्रबंधन को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों का रिकॉर्ड मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट किया जाए और सेवा संबंधी प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से संचालित हों।
इसके साथ ही पुलिस कर्मियों को आधुनिक संचार तकनीकों, कंप्यूटर संचालन और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि तकनीकी दक्षता बढ़ने से पुलिस व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में कदम
राज्य सरकार की इस पहल को उत्तर प्रदेश में तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक संचार नेटवर्क और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम से कानून-व्यवस्था प्रबंधन में सुधार आने की संभावना है। आने वाले समय में इन योजनाओं के लागू होने के बाद पुलिस प्रतिक्रिया प्रणाली और निगरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।