FuelPrice – कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
Fuel Market Update- देशभर में 1 अगस्त 2026 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज भी ईंधन की दरें पहले की तरह ही बरकरार रखी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन फिलहाल इसका असर घरेलू खुदरा ईंधन कीमतों पर नहीं दिखा है।

प्रमुख शहरों में क्या हैं ताजा कीमतें
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। वहीं चंडीगढ़ में देश के प्रमुख शहरों के मुकाबले सबसे कम दरों पर ईंधन मिल रहा है। यहां पेट्रोल 101.54 रुपये और डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये तथा डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.78 रुपये और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। इसके अलावा लखनऊ में पेट्रोल 102.68 रुपये और डीजल 96.10 रुपये, जबकि पटना में पेट्रोल 113.37 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार पर बनी नजर
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही। रिपोर्टों के अनुसार पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े हालात के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। हालांकि, इसके बावजूद भारत में खुदरा ईंधन कीमतों में फिलहाल कोई संशोधन नहीं किया गया है।
मई के बाद नहीं बदलीं घरेलू कीमतें
देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में अंतिम बार मई 2026 के दौरान बदलाव किया गया था। उस समय तेल कंपनियों ने अलग-अलग चरणों में कीमतों में बढ़ोतरी की थी। इसके बाद से अब तक ईंधन दरें स्थिर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में कई बार तेजी और गिरावट देखने के बावजूद उपभोक्ताओं के लिए खुदरा कीमतों में कोई नया संशोधन घोषित नहीं हुआ है।
कीमतें कैसे तय होती हैं
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, परिवहन लागत, केंद्रीय एवं राज्य करों सहित कई कारकों के आधार पर तय होती हैं। तेल विपणन कंपनियां रोजाना कीमतों की समीक्षा करती हैं, लेकिन संशोधित दरें बाजार की परिस्थितियों और अन्य आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखकर लागू की जाती हैं।