Parliament – राम मंदिर चढ़ावा मुद्दे पर प्रदर्शन के बाद पप्पू यादव के खिलाफ हुई शिकायत
Parliament – संसद परिसर में राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्षी सांसदों द्वारा किए गए प्रतीकात्मक प्रदर्शन के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन में शामिल पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में एक शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों और भगवा वेशभूषा का जिस तरीके से उपयोग किया गया, उससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। फिलहाल पुलिस को शिकायत सौंप दी गई है और मामले में आगे की प्रक्रिया संबंधित कानून के अनुसार तय होगी।

संसद परिसर में हुआ था प्रतीकात्मक प्रदर्शन
शुक्रवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को उठाने के लिए सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एक प्रतीकात्मक दान पेटी का इस्तेमाल किया गया और इस विषय पर चर्चा तथा जवाबदेही तय करने की मांग की गई। इस कार्यक्रम में कई विपक्षी नेता शामिल हुए और उन्होंने अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज कराया।
पप्पू यादव की भूमिका पर उठा विवाद
प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर पुजारी के प्रतीकात्मक रूप में नजर आए। विरोध कार्यक्रम के एक हिस्से में उन्होंने दान पेटी से पैसे निकालने का सांकेतिक प्रदर्शन किया, जिसके जरिए विपक्ष कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों को उजागर करने का संदेश देना चाहता था। हालांकि इस प्रस्तुति को लेकर कुछ धार्मिक संगठनों और लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक बहस का विषय बन गया।
सामाजिक कार्यकर्ता ने दर्ज कराई शिकायत
दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता सूर्य प्रकाश मैथिल ने जहांगीरपुरी पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों और भगवान रामलला से जुड़े चित्रों के उपयोग का तरीका अनुचित था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस प्रस्तुति से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के पास पहुंचा मामला
शिकायत दर्ज कराने के बाद शिकायतकर्ता ने दावा किया कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उनकी शिकायत प्राप्त कर नियमानुसार जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से तत्काल किसी प्राथमिकी दर्ज किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आगे की कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।
प्रदर्शन पर पप्पू यादव ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी धर्म, आस्था, भगवा वस्त्र, सनातन परंपरा या साधु-संतों के खिलाफ नहीं है। उनके अनुसार, उनका विरोध केवल उन लोगों के खिलाफ है जो धर्म और आस्था के नाम पर कथित अनियमितताओं या भ्रष्टाचार में शामिल हैं। उन्होंने दोहराया कि वे सभी धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हैं और उनका उद्देश्य केवल संबंधित मुद्दे को राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श में उठाना था।