Railway – टाटानगर से नई ट्रेनों का इंतजार बढ़ा, पहले पूरी होंगी आधारभूत परियोजनाएं
Railway – टाटानगर रेलवे स्टेशन से नई ट्रेनों के संचालन की उम्मीद फिलहाल कुछ समय के लिए टलती नजर आ रही है। रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिया है कि हल्दीपोखर में प्रस्तावित कोचिंग टर्मिनल और आसपास विकसित किए जा रहे नए ब्लॉक स्टेशनों का निर्माण पूरा होने के बाद ही नई ट्रेनों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मौजूदा परिस्थितियों में यात्रियों को नई रेल सेवाओं के लिए करीब एक से डेढ़ वर्ष तक इंतजार करना पड़ सकता है।

विभिन्न प्रस्तावों पर रेलवे ने दिया एक ही जवाब
टाटानगर से नई ट्रेनों की मांग लंबे समय से उठती रही है। सांसद विद्युतवरण महतो ने आनंद विहार–पुरुलिया एक्सप्रेस को टाटानगर तक बढ़ाने और टाटानगर से गया होते हुए पटना के लिए नई ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। वहीं, छोटानागपुर पैसेंजर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अरुण तिवारी ने टाटानगर से फारबिसगंज के लिए नई ट्रेन तथा आसनसोल–गोरखपुर एक्सप्रेस को टाटानगर तक विस्तार देने की मांग की। इन सभी प्रस्तावों के जवाब में रेलवे ने पहले कोचिंग टर्मिनल परियोजना पूरी होने की आवश्यकता बताई।
मुंबई अंत्योदय एक्सप्रेस को लेकर भी यही स्थिति
दक्षिण पूर्व रेलवे जोनल सलाहकार समिति के सदस्य अरुण जोशी ने भी टाटानगर–मुंबई अंत्योदय एक्सप्रेस को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई थी। रेलवे ने इस प्रस्ताव पर भी मौजूदा टर्मिनल क्षमता को प्रमुख बाधा बताया। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अतिरिक्त परिचालन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक नई ट्रेनों या पुराने मार्गों के विस्तार पर फैसला लेना व्यावहारिक नहीं होगा।
हल्दीपोखर में बन रहा नया कोचिंग टर्मिनल
रेलवे की योजना के अनुसार हल्दीपोखर में आधुनिक कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जा रहा है, जिसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद ट्रेनों की पार्किंग, रखरखाव और रैक प्रबंधन जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी। रेलवे का मानना है कि इससे टाटानगर स्टेशन पर परिचालन का दबाव कम होगा और भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी आसान बनेगा।
नए ब्लॉक स्टेशन और लूप लाइन से बढ़ेगी क्षमता
गोविंदपुर में दो नई लूप लाइनों के साथ ब्लॉक स्टेशन विकसित किया जा रहा है, जिसके मार्च 2028 तक पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा गम्हरिया के निकट बीरबांस हॉल्ट को भी ब्लॉक स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों की क्रॉसिंग, संचालन और आपातकालीन स्थिति में रैक प्रबंधन अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी
रेलवे विभिन्न मार्गों पर परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त लूप लाइनें भी तैयार कर रहा है। उपलब्ध योजना के अनुसार मानीकुई में दो लूप लाइनें मार्च 2027 तक, जबकि राजखरसावां, बड़ाबाम्बो और लोटापहाड़ में एक-एक लूप लाइन अक्टूबर 2027 तक विकसित की जाएगी। वहीं, सोनुआ और टुनिया स्टेशनों पर दिसंबर 2027 तक नई लूप लाइनें बनाने की योजना है। रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र में रेल परिचालन अधिक व्यवस्थित होगा और भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।