GRP – टाटानगर में रेल अधिकारी पर हमले की जांच तेज, मोबाइल डेटा से होगी तलाश
GRP – टाटानगर रेलवे स्टेशन के निकट वरिष्ठ रेल अधिकारी पर हुए हमले और लूटपाट के मामले में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने जांच तेज कर दी है। रेलवे कैरेज एंड वैगन विभाग के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर जे. केरकेट्टा पर हुए हमले के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान करने के लिए विभिन्न तकनीकी और पारंपरिक तरीकों का सहारा ले रही है। शुरुआती जांच में अब तक किसी संदिग्ध की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है।

ड्यूटी से लौटते समय हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार रात उस समय हुई जब वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर जे. केरकेट्टा अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे। सिक लाइन के पास अज्ञात हमलावरों ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद आरोपी उनका मोबाइल फोन और पर्स लेकर मौके से फरार हो गए। घायल अधिकारी को उनके सहकर्मियों ने तत्काल टाटानगर रेलवे अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) रेफर किया गया।
घायल अधिकारी का दर्ज किया गया बयान
घटना के अगले दिन जीआरपी के अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल रेल अधिकारी का बयान दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि पीड़ित ने घटना से जुड़ी जानकारी दी है, लेकिन हमलावरों के संबंध में ऐसी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी, जिससे तत्काल उनकी पहचान की जा सके। इसी वजह से जांच को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
सीसीटीवी नहीं होने से बढ़ी जांच की चुनौती
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि घटना स्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण पुलिस को प्रत्यक्ष वीडियो साक्ष्य नहीं मिल पाए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इसी वजह से अपराधियों तक पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। अब पुलिस आसपास के अन्य संभावित स्रोतों से भी जानकारी जुटाने में लगी है।
मोबाइल डेटा के जरिए तलाश की तैयारी
जांच को आगे बढ़ाने के लिए जीआरपी अब घटना के समय उस क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों का विश्लेषण करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत कॉल डंप डेटा और तकनीकी रिकॉर्ड की मदद से उन मोबाइल नंबरों की पहचान की जाएगी, जो घटना के समय घटनास्थल के आसपास सक्रिय थे। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे संदिग्ध व्यक्तियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
रेल पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच
जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जिस स्थान पर वारदात हुई, वहां रात के समय सामान्य लोगों की आवाजाही काफी कम रहती है। ऐसे में पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि घटना में क्षेत्र की जानकारी रखने वाले किसी व्यक्ति या स्थानीय अपराधियों की भूमिका हो सकती है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा रही है।