NationalSecurity – हैदराबाद में रक्षा मंत्री ने दिया आतंकवाद पर कड़ा संदेश
NationalSecurity – केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और केंद्र सरकार की नीतियों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है और देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि आतंकवाद को समर्थन देने वाली गतिविधियों के प्रति सरकार का रुख पहले की तरह सख्त बना रहेगा।

तेलंगाना में आयोजित एक बुद्धिजीवी सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने हाल के सुरक्षा घटनाक्रमों और सरकार की रणनीति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं और सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि देश अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है।
आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि देश के खिलाफ होने वाली आतंकी गतिविधियों को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल पर सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कूटनीतिक और नीतिगत स्तर पर भी ठोस कदम शामिल हैं। उनका कहना था कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना है।
भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर
राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संकट और आपदा के समय भारत ने हमेशा जिम्मेदार साझेदार की भूमिका निभाई है। कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न देशों को दी गई सहायता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने मानवता को प्राथमिकता देते हुए कई देशों तक जरूरी मदद पहुंचाई।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में देखती है। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देश अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है और आधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विकास और सुरक्षा को बताया सरकार की प्राथमिकता
रक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार के पिछले वर्षों के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ विकास को भी समान महत्व दिया गया है। उन्होंने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, कर सुधार और प्रशासनिक बदलावों से जुड़े कई कदमों का जिक्र किया।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों, निवेश और पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। उनके अनुसार, विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शांतिपूर्ण आयोजन क्षेत्र में सामान्य स्थिति की ओर बढ़ते माहौल का संकेत देता है।
राजनीतिक आरोपों पर दिया जवाब
अपने भाषण के दौरान राजनाथ सिंह ने विपक्ष द्वारा लगाए जाने वाले कुछ आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। उनके अनुसार, शासन का उद्देश्य समान अवसर और न्याय सुनिश्चित करना है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का ध्यान दीर्घकालिक विकास, सुरक्षा और संस्थागत सुधारों पर है। उन्होंने यह भी कहा कि नीति निर्माण में भविष्य की चुनौतियों और आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है।
राष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक दृष्टिकोण
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा, आर्थिक प्रगति और सामाजिक विकास को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया। उनका कहना था कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्थिर विकास मॉडल किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए आवश्यक आधार होते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक मंच पर और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएगा तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए विकास के अपने लक्ष्यों को हासिल करेगा।