Railway Rules – यात्रियों की सुरक्षा और अनुशासन के लिए बढ़े जुर्माने
Railway Rules – भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई नियमों में बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत विभिन्न उल्लंघनों पर लगने वाले जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। रेलवे का मानना है कि सख्त आर्थिक दंड से यात्रियों के बीच नियमों के पालन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रा का माहौल अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनेगा।

अनुशासनहीनता पर अब लगेगा अधिक जुर्माना
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ट्रेन या स्टेशन परिसर में नशे की हालत में हंगामा करता है या अन्य यात्रियों को परेशानी पहुंचाता है, तो उस पर पहले की तुलना में कई गुना अधिक जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे मामलों में अब जुर्माने की राशि 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक निर्धारित की गई है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखना यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसी उद्देश्य से दंडात्मक प्रावधानों को और सख्त बनाया गया है।
आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश पर कार्रवाई
महिला और दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित डिब्बों में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों पर भी अब कड़ी कार्रवाई होगी। रेलवे ने ऐसे मामलों में जुर्माना बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया है। पहले इस उल्लंघन पर 500 रुपये तक का दंड निर्धारित था।
अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित यात्रा वातावरण उपलब्ध कराना है।
धूम्रपान और अवैध बिक्री पर सख्ती
रेलवे परिसरों और ट्रेनों में धूम्रपान करने वालों पर भी अब पहले से अधिक आर्थिक दंड लगाया जाएगा। सिगरेट, बीड़ी या अन्य तंबाकू उत्पादों का उपयोग करते पाए जाने पर 2000 रुपये तक जुर्माना वसूला जा सकता है। पहले इसके लिए अपेक्षाकृत कम राशि निर्धारित थी।
इसी तरह बिना अनुमति खाद्य सामग्री या अन्य सामान बेचने वाले फेरीवालों और हॉकरों पर भी कार्रवाई तेज की जाएगी। रेलवे ने ऐसे मामलों में जुर्माना बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया है।
ज्वलनशील वस्तुओं को लेकर नया प्रावधान
रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज्वलनशील पदार्थों के परिवहन को लेकर भी नियम सख्त किए हैं। यदि कोई व्यक्ति ट्रेन में ऐसे पदार्थ लेकर यात्रा करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर तत्काल 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
पहले ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई और न्यायालयी प्रक्रिया अपनाई जाती थी। अब त्वरित कार्रवाई के माध्यम से सुरक्षा मानकों को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्टेशन परिसर में भी लागू होंगे नियम
रेलवे परिसरों में अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए भी नए प्रावधान लागू किए गए हैं। स्टेशन क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने या अनावश्यक रूप से समय बिताने वाले लोगों पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा रेलवे ने स्टेशन परिसर में भीख मांगने की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए भी आर्थिक दंड का प्रावधान जोड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे यात्रियों को अधिक व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बेटिकट यात्रा पर भी बढ़ा दंड
बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई को और सख्त किया गया है। रेलवे ने इस श्रेणी में लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को बढ़ा दिया है। साथ ही अन्य नियमों के उल्लंघन से जुड़े कई मामलों में भी दंड राशि में संशोधन किया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों और स्टेशनों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और यात्रियों के अनुकूल बनाना है। विभिन्न मंडलों में इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और यात्रियों को नई व्यवस्था की जानकारी भी दी जा रही है।