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Silver Price – वैश्विक बाजार में सोना-चांदी फिसले, निवेशकों की नजर अमेरिकी आंकड़ों पर

Silver Price – अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। भारत में मुहर्रम के अवसर पर अधिकांश सर्राफा बाजार बंद रहे, लेकिन विदेशी बाजारों में कीमती धातुओं पर दबाव साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान चांदी में तेज बिकवाली देखने को मिली, जबकि सोने के भाव भी कमजोर रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंक की संभावित नीति ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है।

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चांदी में तेज गिरावट, सोना भी दबाव में

कॉमेक्स पर चांदी की कीमत करीब 4.44 प्रतिशत टूटकर 55.77 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 58.025 डॉलर प्रति औंस था। वहीं, सोना भी करीब 44.80 डॉलर की गिरावट के साथ 4,002.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। सत्र के दौरान सोने ने 4,001.20 डॉलर प्रति औंस का निचला स्तर भी छुआ। लगातार चौथे सप्ताह सोने में कमजोरी का रुख निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

चीन की मांग कमजोर पड़ने का असर

कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव का एक बड़ा कारण चीन से आई मांग में कमी को माना जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मई महीने में हांगकांग के रास्ते चीन का शुद्ध सोना आयात लगभग 38 प्रतिशत घट गया। चूंकि चीन दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में शामिल है, इसलिए वहां की मांग में गिरावट का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है। मांग कमजोर होने से निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक प्रभावित हुआ है।

महंगाई और ब्याज दरों की चिंता बढ़ी

अमेरिका में जारी हालिया मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। मई के दौरान महंगाई दर तीन वर्षों में पहली बार 4 प्रतिशत से ऊपर पहुंचने की जानकारी सामने आई, जिसमें ऊर्जा कीमतों की बढ़ोतरी अहम वजह मानी जा रही है। बढ़ती महंगाई के बीच यह संभावना मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी सख्त मौद्रिक नीति को फिलहाल जारी रख सकता है। इसी आशंका ने सोना और चांदी जैसे निवेश विकल्पों पर दबाव बढ़ाया है।

फेड अधिकारियों के संकेतों पर बाजार की नजर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने भी महंगाई को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टेन गूल्सबी ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में सुधार के संकेत जरूर हैं, लेकिन महंगाई का दबाव अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। वहीं न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने दोहराया कि मुद्रास्फीति अभी भी निर्धारित लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। CME FedWatch के अनुसार, बाजार में इस वर्ष ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना को लेकर उम्मीदें मजबूत हुई हैं।

मजबूत डॉलर से बढ़ा दबाव

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में लगातार मजबूती भी कीमती धातुओं के लिए प्रतिकूल मानी जा रही है। डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना और चांदी अपेक्षाकृत महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है। इसके साथ ही निवेशक बेहतर प्रतिफल देने वाली परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं, जिससे गैर-ब्याज देने वाली धातुओं में निवेश घट सकता है।

वैश्विक घटनाक्रम और PCE डेटा पर फोकस

बाजार की नजर केवल आर्थिक आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी बनी हुई है। होर्मुज क्षेत्र से जुड़ी हालिया घटनाओं के बाद वैश्विक आपूर्ति शृंखला को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। दूसरी ओर, निवेशक अब अमेरिका के आगामी PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। यह आंकड़ा फेड की आगे की नीति और कीमती धातुओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है।

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