उत्तराखण्ड

Nihang Clash – उत्तराखंड सीमा पर बढ़ी सुरक्षा, वार्ता के बाद हालात हुए सामान्य

Nihang Clash – उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर गुरुवार देर रात उस समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी, जब बड़ी संख्या में निहंगों का एक समूह कुल्हाल बॉर्डर से राज्य की ओर बढ़ा। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन समूह आगे निकल गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया। देर रात तक हालात पर लगातार नजर रखी गई और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

uttarakhand nihang border security update

कर्णप्रयाग की घटना के बाद बढ़ा विवाद

यह घटनाक्रम कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद सामने आया है। उस दिन पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक स्थानीय युवक और कुछ निहंगों के बीच कहासुनी हुई थी, जो बाद में हिंसक संघर्ष में बदल गई। पुलिस के अनुसार, घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और कई लोग घायल हुए। मामले में पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार किया था, जबकि निहंग पक्ष ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए विरोध जताया है।

देहरादून में पुलिस रही पूरी तरह सतर्क

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि देर रात विभिन्न स्थानों से कुछ वाहनों में निहंगों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों को शिमला बाईपास, रिस्पना पुल, जोगीवाला और रेसकोर्स क्षेत्र में भेजा गया। कई स्थानों पर वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार निगरानी की जाती रही।

सीमा पर वार्ता के प्रयास रहे जारी

पांवटा साहिब की ओर से आए समूह को सीमा पर रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस ने बातचीत की कोशिश की, लेकिन शुरुआती दौर में सहमति नहीं बन सकी। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिस बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की सूचना भी सामने आई। इसके बाद प्रेमनगर क्षेत्र सहित कई इलाकों में नाकेबंदी की गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंगा नियंत्रण उपकरण, वाटर कैनन और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैयार रखे गए। एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

प्रशासन ने वार्ता के बाद जताई संतुष्टि

देर रात रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारे में प्रशासनिक अधिकारियों और निहंग प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि वार्ता सकारात्मक रही और अधिकांश लोग वापस लौटने पर सहमत हो गए। पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। हालांकि, कुछ सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में तलाश अभियान जारी रखा।

मुख्यमंत्री ने कानून के पालन पर दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, संबंधित मामले में कानून निष्पक्ष रूप से अपना काम कर रहा है और यदि कोई व्यवस्था भंग करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.