Wildlife – कानपुर से इंदौर जाएगा दरियाई घोड़ा सतीश, विशेष इंतजामों के बीच होगी लंबी यात्रा
Wildlife – कानपुर चिड़ियाघर में रह रहा दरियाई घोड़ा सतीश जल्द ही एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत इंदौर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। इस स्थानांतरण को लेकर दोनों चिड़ियाघरों ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। करीब 700 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान सतीश की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसके शरीर को लगातार नम बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार पूरे सफर में उस पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 20 हजार लीटर पानी की जरूरत पड़ेगी।

शेरों की संख्या बढ़ाने की योजना के तहत हुआ आदान-प्रदान
कानपुर चिड़ियाघर में पिछले आठ वर्षों से शेरों के परिवार में कोई नया सदस्य शामिल नहीं हुआ है। ऐसे में वन्यजीव संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए इंदौर चिड़ियाघर से युवा शेरनी वीरा को कानपुर लाया जाएगा। इसके बदले कानपुर से दरियाई घोड़ा सतीश इंदौर भेजा जाएगा। यह आदान-प्रदान सेंट्रल जू अथॉरिटी की मंजूरी मिलने के बाद किया जा रहा है।
यात्रा के लिए तैयार किया गया विशेष पिंजरा
सतीश के सुरक्षित परिवहन के लिए उसकी शारीरिक बनावट के अनुरूप विशेष पिंजरा तैयार कराया गया है। इसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई इस तरह निर्धारित की गई है कि सफर के दौरान वह आराम से बैठ और उठ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि आवश्यकता से अधिक बड़े पिंजरे में यात्रा करने पर जानवर के चोटिल होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए आकार का विशेष ध्यान रखा गया है।
शरीर को नम रखने के लिए लगातार होगा पानी का छिड़काव
दरियाई घोड़ा ऐसी प्रजाति का जीव है, जो अपना अधिकांश समय पानी में बिताता है। इसी वजह से उसके शरीर को लंबे समय तक सूखा नहीं रहने दिया जा सकता। अधिकारियों ने बताया कि परिवहन के दौरान ट्रक में दो बड़े पानी के टैंक लगाए जाएंगे, जिनसे स्प्रे सिस्टम के माध्यम से लगातार पानी की बौछार की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बाल्टियों से भी उस पर पानी डाला जाएगा, ताकि पूरे रास्ते उसका शरीर पर्याप्त रूप से नम बना रहे।
निर्धारित गति सीमा में पूरी होगी 700 किलोमीटर की यात्रा
कानपुर से इंदौर तक की दूरी लगभग 700 किलोमीटर है। इस दौरान जानवरों को ले जाने वाले वाहन की अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। सेंट्रल जू अथॉरिटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरे सफर में वाहन इसी सीमा के भीतर चलेगा, जिससे जानवर को झटकों और अनावश्यक तनाव से बचाया जा सके।
कानपुर पहुंचेगी तीन वर्षीय शेरनी वीरा
एनिमल एक्सचेंज के तहत इंदौर चिड़ियाघर से आने वाली शेरनी वीरा की उम्र करीब तीन वर्ष है। वह एशियाई प्रजाति की शेरनी है और उसका जन्म भी इंदौर चिड़ियाघर में ही हुआ था। कानपुर पहुंचने के बाद उसे वहां मौजूद नर शेर शंकर के साथ रखा जाएगा। हाल ही में वरिष्ठ शेर अजय के निधन के बाद चिड़ियाघर में शेरों के संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों चिड़ियाघरों ने तैयारियां पूरी होने की पुष्टि की
इंदौर चिड़ियाघर के निदेशक उत्तम यादव ने बताया कि एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत कानपुर को शेरनी वीरा दी जा रही है, जबकि इंदौर को दरियाई घोड़ा सतीश मिलेगा। उन्होंने बताया कि सतीश के परिवहन के लिए सभी आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा इंतजाम किए जा चुके हैं। वहीं कानपुर चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल ने कहा कि सेंट्रल जू अथॉरिटी से अनुमति प्राप्त हो चुकी है और जल्द ही दोनों चिड़ियाघरों के बीच यह आदान-प्रदान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया जाएगा।