POCSO – भागलपुर में बच्ची से दुष्कर्म के दोषी बाबा को हुई 20 साल की सजा
POCSO – बिहार के भागलपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषी करार दिए गए एक आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सुगंधा प्रसाद की अदालत ने सोमवार को आरोपी धर्मानंद को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि निर्धारित राशि जमा नहीं की जाती है तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही अदालत ने पीड़ित बच्ची को तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक शंकर जय किशन मंडल ने फैसले की पुष्टि की।

आश्रम में हुई थी वारदात, पुलिस ने अगले दिन किया था गिरफ्तार
अभियोजन के अनुसार यह घटना मई 2024 में मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। मामले में 24 मई 2024 को महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि बच्ची खेलते-खेलते एक आश्रम पहुंच गई थी, जहां मौजूद धर्मानंद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां से भाग निकला। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई तेज की और घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिसके आधार पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया।
अदालत ने सुनाया फैसला, पीड़िता को मिलेगा मुआवजा
सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। फैसले में न केवल लंबी कारावास की सजा सुनाई गई, बल्कि पीड़िता के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सहायता देने का भी निर्देश दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि जमा न करने पर अतिरिक्त एक वर्ष की सजा भी लागू होगी। यह मामला बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का एक उदाहरण माना जा रहा है।
गवाही से पहले महिला पर हमले का आरोप
भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र से ही एक अन्य मामले में गवाही देने जा रही महिला पर हमले का आरोप सामने आया है। बेलखोरिया गांव निवासी रंजू देवी ने आरोप लगाया कि पति की मृत्यु के बाद से ससुराल पक्ष के लोग उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। उनके अनुसार, सोमवार को एक पुराने मामले में गवाही देने के लिए थाने जाना था। इससे पहले उन्होंने परिवार के एक सदस्य को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद कथित तौर पर ससुर और देवर उनके कमरे में पहुंच गए।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर शुरू की जांच
महिला का आरोप है कि आरोपियों ने लोहे की रॉड और अन्य वस्तुओं से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें थाने पहुंचाया। महिला ने बताया कि इससे पहले भी ससुराल पक्ष के खिलाफ मारपीट और घर से बेदखल करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस का कहना है कि मामले में प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।