बिज़नेस

SEBIAction – शेयर हेरफेर मामले में 221 संस्थाओं पर सेबी ने की बड़ी कार्रवाई

SEBIAction – भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कथित शेयर मूल्य हेरफेर से जुड़े एक बड़े मामले में सख्त कदम उठाते हुए 221 संस्थाओं को पूंजी बाजार से कई वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। नियामक ने इस मामले में व्यक्तिगत निवेशक हनीफ शेख पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सेबी के अनुसार, जांच में सामने आया कि कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में योजनाबद्ध तरीके से कृत्रिम गतिविधियां संचालित की गईं, जिससे बाजार की निष्पक्षता प्रभावित हुई।

sebi pump dump action 221 entities

पांच कंपनियों के शेयर जांच के दायरे में

सेबी की कार्रवाई जिन कंपनियों से जुड़ी है उनमें मौरिया उद्योग, विशाल फैब्रिक्स, 7NR रिटेल, जीबीएल इंडस्ट्रीज और दार्जिलिंग रोपवे शामिल हैं। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार मौरिया उद्योग का शेयर हालिया कारोबारी सत्र में 9.09 रुपये पर बंद हुआ। विशाल फैब्रिक्स का भाव 20.21 रुपये और 7NR रिटेल का शेयर 5.65 रुपये पर दर्ज किया गया। दार्जिलिंग रोपवे का शेयर करीब 35 रुपये के स्तर पर रहा, जबकि जीबीएल इंडस्ट्रीज के शेयर में फिलहाल कारोबार उपलब्ध नहीं है।

2017 से 2020 के बीच की गतिविधियों की जांच

नियामक के मुताबिक यह पूरा मामला वर्ष 2017 से 2020 के बीच कथित तौर पर चलाए गए ‘पंप-एंड-डंप’ ऑपरेशन से जुड़ा है। इस तरह की धोखाधड़ी में पहले कम कारोबार वाले शेयरों की खरीद की जाती है। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से उन शेयरों के बारे में सकारात्मक माहौल तैयार कर कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाता है। जब शेयर ऊंचे स्तर पर पहुंच जाते हैं तो उन्हें बेचकर लाभ कमाया जाता है, जबकि बाद में कीमत गिरने से छोटे निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है।

जांच में सामने आई संगठित नेटवर्क की तस्वीर

सेबी के आदेश के अनुसार हनीफ शेख इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि 200 से अधिक आपस में जुड़े संस्थानों का उपयोग अलग-अलग भूमिकाओं में किया गया। इनमें कुछ इकाइयों का काम बाजार में गतिविधि बढ़ाना, कुछ का शेयरों का प्रचार करना और कुछ का ऊंचे दाम पर हिस्सेदारी बेचने का था। नियामक का कहना है कि इन समन्वित लेनदेन के जरिए संबंधित शेयरों के मूल्य और कारोबार को प्रभावित किया गया।

बाजार की पारदर्शिता पर जताई चिंता

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने अपने आदेश में कहा कि यह कथित गतिविधियां सुनियोजित और व्यापक स्तर पर संचालित की गईं। उनके अनुसार ऐसे मामलों से पूंजी बाजार की पारदर्शिता प्रभावित होती है और खुदरा निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। नियामक ने स्पष्ट किया कि बाजार में निष्पक्ष कारोबार सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी।

अवैध कमाई की वसूली का भी आदेश

जांच के आधार पर सेबी का अनुमान है कि इस कथित शेयर हेरफेर से लगभग 143.79 करोड़ रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया। आदेश के तहत हनीफ शेख को सात वर्षों के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित किया गया है और उन पर 10 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। इसके अलावा उनसे जुड़ी पांच अन्य इकाइयों को छह वर्ष के लिए बाजार से बाहर कर दिया गया है तथा प्रत्येक पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सेबी ने यह भी निर्देश दिया है कि कथित अवैध कमाई की राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित संबंधित पक्षों से वसूल की जाए।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.