PostpartumCare – नॉर्मल डिलीवरी के बाद टांकों की देखभाल के आसान और जरूरी उपाय
PostpartumCare – नॉर्मल डिलीवरी के बाद शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने में कुछ समय लगता है। यदि प्रसव के दौरान टांके लगे हों, तो शुरुआती दिनों में बैठने, चलने या शौचालय जाने के दौरान हल्की तकलीफ महसूस होना सामान्य माना जाता है। हालांकि, इस दौरान सही देखभाल न करने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और रिकवरी में भी अधिक समय लग सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मां की सेहत का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है, जितना नवजात की देखभाल करना।

सफाई और सूखापन बनाए रखना जरूरी
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, टांकों वाली जगह को हमेशा साफ और सूखा रखना चाहिए। अत्यधिक नमी या गंदगी संक्रमण का कारण बन सकती है। इसलिए नियमित रूप से उस हिस्से की सफाई करना और स्वच्छता बनाए रखना रिकवरी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
टॉयलेट के बाद रखें विशेष सावधानी
हर बार शौचालय का उपयोग करने के बाद प्रभावित हिस्से को हल्के गुनगुने पानी से साफ करना बेहतर माना जाता है। इसके बाद मुलायम तौलिये या टिश्यू की मदद से बिना रगड़े हल्के हाथों से सुखाना चाहिए। तेज रगड़ या अधिक दबाव टांकों पर असर डाल सकता है, इसलिए इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
कपड़ों और पैड का सही चुनाव
डिलीवरी के बाद कुछ समय तक रक्तस्राव होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे में सेनेटरी पैड को समय-समय पर बदलना चाहिए ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे। साथ ही सूती और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। इससे त्वचा तक पर्याप्त हवा पहुंचती है और घाव भरने में मदद मिलती है।
खानपान भी निभाता है अहम भूमिका
विशेषज्ञों का कहना है कि कब्ज की समस्या से बचना भी रिकवरी के लिए जरूरी है। शौच के दौरान अधिक जोर लगाने से टांकों पर दबाव पड़ सकता है। इसके लिए भोजन में फाइबर युक्त चीजें जैसे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करना लाभदायक हो सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी शरीर को स्वस्थ रखने और पाचन बेहतर बनाने में मदद करता है।
कब लें डॉक्टर की सलाह
दर्द या जलन होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी क्रीम, मलहम या दवा का उपयोग नहीं करना चाहिए। यदि टांकों वाली जगह पर अत्यधिक दर्द, सूजन, मवाद, दुर्गंध या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से संभावित जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है और रिकवरी सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ती है।