अंतर्राष्ट्रीय

UkraineWar – रूस के भीतर ड्रोन अभियानों पर यूक्रेनी इकाइयों की गोपनीय रणनीति चर्चा में…

UkraineWar – रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के दौरान लंबी दूरी के ड्रोन अभियानों ने युद्ध की रणनीति को नया आयाम दिया है। हाल के महीनों में रूस के भीतर सैन्य प्रतिष्ठानों और ऊर्जा अवसंरचना पर हुए ड्रोन हमलों के बाद इन अभियानों को अंजाम देने वाली यूक्रेनी इकाइयों की कार्यप्रणाली चर्चा में है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन विशेष टीमों के सदस्य बेहद सख्त गोपनीयता नियमों के तहत काम करते हैं और उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती।

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गोपनीयता को दी जाती है सर्वोच्च प्राथमिकता

समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, इन विशेष इकाइयों से जुड़े कई सैनिक अपनी वास्तविक पहचान तक सार्वजनिक नहीं करते। रिपोर्ट में एक सदस्य का बदला हुआ नाम “डेनिस” बताया गया है, जिसने कहा कि उसके परिवार और करीबी लोगों को भी उसके वास्तविक दायित्वों की जानकारी नहीं है। सुरक्षा कारणों से यूनिट के सदस्यों को अपने मिशन या भूमिका पर चर्चा करने की अनुमति नहीं होती।

ड्रोन अभियानों की रणनीति

रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन की विशेष ड्रोन इकाइयों का लक्ष्य रूस के भीतर ऐसे ठिकानों को निशाना बनाना है, जिन्हें सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के महीनों में रूस की कुछ तेल रिफाइनरियों और अन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों का भी उल्लेख किया गया है। यूक्रेन का कहना है कि ऐसे अभियान रूस की ओर से उसके शहरों पर जारी हमलों के जवाब में संचालित किए जा रहे हैं। वहीं रूस इन हमलों की निंदा करता रहा है।

सामान्य जीवन की तरह रहना पड़ता है

रिपोर्ट में शामिल एक अन्य सदस्य, जिसका उपनाम “वोरोन” बताया गया है, के अनुसार यूनिट के सदस्यों को सार्वजनिक जीवन में बिल्कुल सामान्य नागरिक की तरह व्यवहार करने के निर्देश दिए जाते हैं। वे अपने मिशन से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक स्थानों पर साझा नहीं करते और परिवार के अधिकांश सदस्यों को भी अपने वास्तविक कार्य की जानकारी नहीं देते। सुरक्षा कारणों से उनकी तस्वीरें और व्यक्तिगत विवरण भी गोपनीय रखे जाते हैं।

डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान

रिपोर्ट के मुताबिक, इन इकाइयों में डिजिटल सुरक्षा के लिए भी कड़े नियम लागू हैं। मिशन से जुड़े सदस्य विशेष सुरक्षा वाले संचार उपकरणों का उपयोग करते हैं। मोबाइल फोन को सीमित परिस्थितियों में सक्रिय रखा जाता है और लोकेशन साझा करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल से बचा जाता है। नए सदस्यों की नियुक्ति से पहले विस्तृत सुरक्षा जांच की जाती है ताकि संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रह सके।

संघर्ष में बढ़ी ड्रोन की भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ी है। दोनों पक्ष निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और लंबी दूरी के हमलों के लिए ड्रोन का व्यापक उपयोग कर रहे हैं। इसी वजह से सैन्य अभियानों के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, गोपनीय संचार और परिचालन सुरक्षा भी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। संघर्ष के बीच दोनों देशों की ओर से अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में संभव नहीं होती।

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