AirtelMoneyIPO – आरबीआई की मंजूरी के बाद एयरटेल मनी ने शुरू किया कारोबार
AirtelMoneyIPO – भारती एयरटेल की वित्तीय सेवा इकाई एयरटेल मनी ने भारतीय रिजर्व बैंक से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद अपने नॉन-बैंकिंग वित्तीय कारोबार की औपचारिक शुरुआत कर दी है। कंपनी ने नियामकीय सूचना में बताया कि उसे आरबीआई से पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त हो गया है, जिसके आधार पर अब वह एक Type II Non-Deposit Accepting Non-Banking Financial Company के रूप में अपनी सेवाएं संचालित करेगी। इस घटनाक्रम को कंपनी की भविष्य की वित्तीय योजनाओं और संभावित सार्वजनिक निर्गम की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

आरबीआई ने जारी किया पंजीकरण प्रमाणपत्र
कंपनी के अनुसार यह प्रमाणपत्र भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45 IA के तहत जारी किया गया है। इसके साथ ही एयरटेल मनी को अपने एनबीएफसी कारोबार का व्यावसायिक संचालन शुरू करने की अनुमति मिल गई है। हालांकि आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजीकरण का अर्थ कंपनी की वित्तीय स्थिति, उसके व्यावसायिक दावों या भविष्य की देनदारियों के लिए किसी प्रकार की गारंटी नहीं है। नियामक ने यह भी कहा कि निवेशकों को अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए।
विस्तार के लिए निवेश की योजना
एयरटेल ने इस वर्ष की शुरुआत में अपनी एनबीएफसी इकाई को मजबूत बनाने की योजना साझा की थी। कंपनी ने बताया था कि आने वाले वर्षों में इस कारोबार में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। प्रस्तावित निवेश में करीब 70 प्रतिशत हिस्सेदारी भारती एयरटेल की होगी, जबकि शेष 30 प्रतिशत पूंजी प्रमोटर समूह भारती एंटरप्राइजेज के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी का उद्देश्य डिजिटल वित्तीय सेवाओं के दायरे को व्यापक बनाना है।
आईपीओ को लेकर क्या है अनुमान
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल मनी का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में आ सकता है। ब्रोकरेज फर्म CLSA की एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी संभावित रूप से लगभग 10 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर करीब 2 अरब डॉलर जुटाने का प्रयास कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक यह मूल्यांकन 2021 की तुलना में कई गुना अधिक हो सकता है। हालांकि कंपनी की ओर से आईपीओ की तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
ग्राहक आधार में लगातार बढ़ोतरी
CLSA की रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में एयरटेल मनी के ग्राहक आधार में सालाना आधार पर लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और यह संख्या करीब 5.4 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी का परिचालन मार्जिन भी मजबूत बना हुआ है, जो एयरटेल अफ्रीका के औसत मार्जिन से अधिक बताया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाओं की बढ़ती मांग भविष्य में इस कारोबार को और मजबूती दे सकती है।
अफ्रीका में विस्तार की संभावनाएं
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि एयरटेल अफ्रीका के कुल मोबाइल ग्राहकों में से अभी सीमित संख्या ही एयरटेल मनी सेवाओं का उपयोग कर रही है। खासकर नाइजीरिया जैसे बड़े बाजारों में विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। कंपनी के सक्रिय लेनदेन करने वाले ग्राहकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो डिजिटल वित्तीय सेवाओं की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में नए बाजारों में विस्तार और सेवाओं के विस्तार पर कंपनी का विशेष ध्यान रहने की संभावना है।