PoliticalFunding – टीएमसी बैंक खातों के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की तैयारी…
PoliticalFunding – पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों से जुड़े विवाद ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। पार्टी के एक प्रतिद्वंद्वी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि कोलकाता हाई कोर्ट के हालिया आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। उनका कहना है कि मामले में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। यह विवाद उन बैंक खातों से जुड़ा है जिन पर वित्तीय लेनदेन को लेकर रोक लगाई गई थी।

हाई कोर्ट ने दी सीमित उपयोग की अनुमति
हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी के तीन फ्रीज बैंक खातों के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया है। अदालत ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार को 30 सितंबर 2026 तक इस जिम्मेदारी के लिए नामित किया। आदेश के अनुसार, इन खातों से केवल पार्टी के नियमित प्रशासनिक और दैनिक खर्चों के लिए ही राशि निकाली जा सकेगी। प्रत्येक भुगतान निर्धारित प्रक्रिया और विशेष अधिकारी की निगरानी में किया जाएगा।
शिकायत के बाद फ्रीज हुए थे खाते
मामले की शुरुआत जून में दर्ज एक शिकायत से हुई थी। ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के नेतृत्व वाले गुट ने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने में आरोप लगाया था कि एक निजी बैंक में मौजूद पार्टी के तीन खातों में जमा धनराशि की जांच की जानी चाहिए। शिकायत दर्ज होने के अगले दिन इन खातों पर डेबिट फ्रीज लागू कर दिया गया, जिससे खातों से धन निकासी पर रोक लग गई।
सुप्रीम कोर्ट में ईडी को भी पक्ष बनाने की बात
ऋतब्रत बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में दायर की जाने वाली याचिका में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी पक्षकार बनाने का अनुरोध किया जाएगा। उनके अनुसार, हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी इस मामले का हिस्सा नहीं था, लेकिन शीर्ष अदालत में दाखिल होने वाली याचिका के दौरान एजेंसी की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कानूनी सलाह लेकर आगे की प्रक्रिया तय की गई है।
वित्तीय अनियमितताओं के लगाए आरोप
ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी फंड के उपयोग को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पार्टी की धनराशि का इस्तेमाल कर एक कंपनी ने संपत्तियां खरीदीं और बाद में उन्हीं संपत्तियों के लिए पार्टी द्वारा किराया चुकाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी चाहिए। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
टीएमसी ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक
तृणमूल कांग्रेस ने अपने बैंक खातों पर हुई कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित कदम बताया है। पार्टी का कहना है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को दबाव में लाने के लिए किया जा रहा है। टीएमसी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपना पक्ष रखेगी और अदालत के निर्देशों का पालन करेगी।
दलबदल पर भी दी प्रतिक्रिया
हाल में टीएमसी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए कुछ पूर्व नेताओं को लेकर पूछे गए सवाल पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक निर्णय व्यक्तिगत होते हैं। उन्होंने कहा कि विचारधारा अलग होने के बावजूद व्यक्तिगत संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए। उनके अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी राजनीतिक पसंद चुनने का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।