MurderInvestigation – करणी सेना नेता हत्याकांड की डीआईजी ने की समीक्षा, जांच तेज करने के निर्देश
MurderInvestigation – कोल्हान प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) अनुरंजन किस्पोट्टा ने गुरुवार को जमशेदपुर में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच की प्रगति की समीक्षा की। बिष्टूपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुए हमले से जुड़े इस मामले में उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक तथा विशेष जांच दल (SIT) के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। समीक्षा के दौरान अब तक हुई जांच, गिरफ्तार आरोपियों, जुटाए गए साक्ष्यों और फरार आरोपियों की तलाश की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर विशेष जोर
बैठक में डीआईजी ने जांच अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले से जुड़े सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध प्रमाणों का आपस में मिलान कर जांच को मजबूत बनाया जाए। उनका कहना था कि साक्ष्यों की गुणवत्ता ही आगे की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फरार आरोपियों की तलाश में तेजी लाने के निर्देश
समीक्षा के दौरान फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। डीआईजी ने एसआईटी को संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी रखने और उपलब्ध खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल प्रत्येक आरोपी तक पहुंचने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए।
गवाहों के बयान और साक्ष्यों का होगा मिलान
जांच टीम को निर्देश दिया गया कि प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य संबंधित गवाहों के बयान का तकनीकी साक्ष्यों के साथ सावधानीपूर्वक मिलान किया जाए। अधिकारियों से कहा गया कि जांच के दौरान प्राप्त प्रत्येक तथ्य का विधिक दृष्टि से परीक्षण किया जाए, ताकि अभियोजन पक्ष के लिए मजबूत और तथ्यात्मक आधार तैयार हो सके।
एसआईटी ने दी अब तक की कार्रवाई की जानकारी
बैठक में विशेष जांच दल के अधिकारियों ने अब तक की जांच का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने गिरफ्तार किए गए आरोपियों, एकत्र किए गए साक्ष्यों और आगे की जांच की दिशा से संबंधित जानकारी डीआईजी को उपलब्ध कराई। समीक्षा के दौरान जांच की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।
लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत
डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अनुसंधान के किसी भी चरण में लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित की जाए तथा उपलब्ध सभी तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचा जाए। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से जांच आगे बढ़ाने और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के भी निर्देश दिए गए।