स्वास्थ्य

HeartHealth – दिल की सेहत बेहतर रखने के लिए इन आदतों से बनाएं दूरी

HeartHealth- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियां दुनिया में मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। संगठन की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2022 में लगभग 19.8 मिलियन लोगों की मौत कार्डियोवैस्कुलर रोगों के कारण हुई, जो वैश्विक मौतों का करीब 32 प्रतिशत हिस्सा है। इनमें से लगभग 85 प्रतिशत मामलों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक प्रमुख वजह रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते जीवनशैली में सुधार करके इन बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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जोखिम बढ़ाने वाले कारणों पर रखें नियंत्रण

WHO के अनुसार, उच्च रक्तचाप, बढ़ा हुआ ब्लड शुगर, असंतुलित लिपिड प्रोफाइल, मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली ऐसे प्रमुख जोखिम कारक हैं, जो हृदय रोगों की संभावना बढ़ा सकते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान और सक्रिय दिनचर्या अपनाकर इन जोखिमों को नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर ही इन कारकों पर ध्यान देना लंबे समय तक हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है।

डॉक्टर ने बताईं किन आदतों से बचने की जरूरत

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भोजराज के अनुसार, केवल अच्छी डाइट और व्यायाम ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि कुछ दैनिक आदतों से दूरी बनाना भी जरूरी है। धूम्रपान और निकोटिन से जुड़े उत्पाद रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और रक्तचाप बढ़ाने के साथ हृदय रोग का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। इसी तरह अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बना रहे तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

नींद, ब्लड शुगर और खानपान का भी पड़ता है असर

विशेषज्ञों के मुताबिक, स्लीप एप्निया जैसी स्थिति, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती है, हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। वहीं लंबे समय तक उच्च ब्लड शुगर रहने से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा अत्यधिक नमक, चीनी और अनहेल्दी फैट वाले Ultra Processed Foods का अधिक सेवन कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है। इसलिए संतुलित और ताजा भोजन को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।

सक्रिय जीवनशैली और तनाव प्रबंधन भी हैं जरूरी

पूरे दिन लगातार बैठे रहने की आदत भी हृदय स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती। यदि काम के कारण लंबे समय तक बैठना पड़ता है, तो बीच-बीच में थोड़ी शारीरिक गतिविधि करना लाभदायक हो सकता है। इसके साथ ही रोजाना सात घंटे से कम नींद लेने की आदत शरीर में तनाव और रक्तचाप बढ़ा सकती है। लगातार मानसिक तनाव भी हृदय पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञ नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव कम करने वाली गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं, ताकि हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सके।

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