AcidAttack – यूपी सरकार ने एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए बढ़ाया राहत और पुनर्वास का दायरा
AcidAttack- उत्तर प्रदेश सरकार ने एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए नई सहायता एवं पुनर्वास व्यवस्था लागू करते हुए उनके इलाज, शिक्षा, आवास और आर्थिक सहयोग को लेकर व्यापक कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव की ओर से जारी निर्देशों के तहत पीड़िताओं को त्वरित वित्तीय सहायता के साथ दीर्घकालिक पुनर्वास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा राज्य के छह प्रमुख मेडिकल कॉलेजों को विशेष उपचार केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि पीड़िताओं को एक ही स्थान पर बेहतर चिकित्सा और पुनर्वास सेवाएं मिल सकें।

10 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता का प्रावधान
नई व्यवस्था के अनुसार एसिड अटैक से प्रभावित महिलाओं को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि घटना के बाद शुरुआती राहत के रूप में एक लाख रुपये की राशि 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। शेष स्वीकृत धनराशि तीन महीने के अंदर जारी की जाएगी, जिससे उपचार और अन्य आवश्यक खर्चों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
नीति के तहत पीड़िताओं को सभी आवश्यक चिकित्सीय सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, त्वचा प्रत्यारोपण, नेत्र उपचार, बहुस्तरीय ऑपरेशन, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास जैसी सेवाएं शामिल होंगी। सरकार का कहना है कि उपचार से जुड़ा पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी, ताकि आर्थिक अभाव इलाज में बाधा न बने।
शिक्षा और आवास में भी मिलेगी विशेष सुविधा
सरकार ने एसिड अटैक पीड़िताओं को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही विकास प्राधिकरणों और आवासीय योजनाओं में भूखंड आवंटन के दौरान उन्हें सैनिकों के लिए निर्धारित एक प्रतिशत आरक्षण श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इस संबंध में आवास विभाग की ओर से आवश्यक आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
छह मेडिकल कॉलेज बनेंगे विशेष उपचार केंद्र
राज्य सरकार ने पहले चरण में छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों को एसिड अटैक पीड़िताओं के उपचार के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इनमें किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) लखनऊ, बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर, लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी और एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा शामिल हैं।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगी बर्न यूनिट
इन सभी मेडिकल संस्थानों में पहले से संचालित बर्न यूनिटों को आधुनिक उपकरणों और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां एसिड इंजरी और गंभीर जलन से जुड़े मामलों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम, अत्याधुनिक उपचार व्यवस्था और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। सरकार का उद्देश्य है कि पीड़िताओं को इलाज, सर्जरी, परामर्श और पुनर्वास से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही संस्थान में आसानी से मिल सकें, जिससे उनका उपचार अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।