PoK – ब्रिटेन में प्रदर्शन, तेज हुई पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
PoK – पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर (PoK) की स्थिति को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठी है। ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड शहर में ब्रिटिश कश्मीरी समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन आयोजित कर वहां कथित मानवाधिकार उल्लंघनों, नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले पर ध्यान देने और स्वतंत्र निगरानी की मांग की।

ब्रैडफोर्ड में जुटे प्रदर्शनकारी
ब्रैडफोर्ड सिटी सेंटर में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में नागरिक अधिकारों की सुरक्षा, निष्पक्ष प्रशासन और लोगों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इस दौरान कई वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
JAAC की मांगों का किया समर्थन
प्रदर्शन के दौरान जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की विभिन्न मांगों का भी समर्थन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्थानीय लोगों को लोकतांत्रिक अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और नागरिकों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप की अपील
सभा को संबोधित करने वाले वक्ताओं ने दावा किया कि हाल के महीनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान आम नागरिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटिश सरकार, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि वे क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखें और सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
भारत ने दोहराया अपना रुख
इस मुद्दे पर भारत पहले भी अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर चुका है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में आयोजित स्थानीय चुनावों को विश्वसनीय नहीं बताया था। मंत्रालय का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।
विदेश मंत्रालय ने जताई थी चिंता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में हो रहे विरोध प्रदर्शन लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक, प्रशासनिक और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि भारत का इस विषय पर रुख पहले से स्पष्ट और अपरिवर्तित है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चर्चा
ब्रिटेन में हुए इस प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर की स्थिति एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा और हालात की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है। वहीं, इस मुद्दे पर भारत लगातार अपने आधिकारिक रुख को वैश्विक मंचों पर दोहराता रहा है।