Bihar Cold Wave Warning 2026: क्या आसमान से बरसेगी राहत या अभी और सताएगी कनकनी, आई बड़ी चेतावनी…
Bihar Cold Wave Warning 2026: बिहार के लोग इस समय कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपाने वाली पछुआ हवा के दोहरे वार से बेहाल हैं। साल 2025 का अंत और 2026 का आगाज (Severe Cold Conditions) के बीच हो रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी 4 जनवरी तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। पूरे राज्य में सर्द पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ने से कनकनी और ठिठुरन ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को भी राज्य के अधिकतर जिलों में ‘शीत दिवस’ (Cold Day) की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।

मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: 29 जिलों में कोहरे का ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ आतंक
आसमान में छाई कोहरे की घनी चादर ने बिहार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने राज्य के 29 जिलों के लिए (Dense Fog Orange Alert) जारी किया है। विशेष रूप से उत्तर और मध्य बिहार के इलाकों में दृश्यता इतनी कम हो गई है कि सुबह के समय वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। फारबिसगंज और नालंदा जैसे क्षेत्र पहले से ही भीषण शीत दिवस की चपेट में हैं, जहाँ न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं।
मुजफ्फरपुर में ‘जेट स्ट्रीम’ का रिकॉर्ड तोड़ कहर: एक दशक की सबसे भयानक ठंड
मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में ठंड का मिजाज इस बार पिछले दस सालों का रिकॉर्ड तोड़ रहा है। पूसा मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, (Jet Stream Impact) के कारण बर्फीली हवाएं सीधे मैदानी इलाकों को प्रभावित कर रही हैं। यह पहली बार है जब 20 से 29 दिसंबर के बीच का तापमान लगातार सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। जेट स्ट्रीम के प्रभाव से चलने वाली तेज पछिया हवा अगले एक सप्ताह तक इसी तरह लोगों को ठिठुराती रहेगी, जिससे कोल्ड स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है।
भागलपुर और सीमांचल में कफन जैसा कोहरा: घरों में कैद होने को मजबूर लोग
भागलपुर, पूर्णिया और कटिहार समेत पूरे सीमांचल क्षेत्र में सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। सुबह से लेकर रात तक एक जैसी (Severe Winter Grip) बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सीमांचल के इलाकों में कड़ाके की सर्दी को देखते हुए विशेष चेतावनी जारी की है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को कोहरा और भी घना होने का पूर्वानुमान है। यदि हिमालयी क्षेत्र में उत्पन्न नया विक्षोभ सक्रिय होता है, तो हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है, जो कनकनी को और अधिक असहनीय बना देगी।
मौत का मातम और परिवहन पर प्रहार: थमी रेल और उड़ानों की रफ्तार
इस भीषण ठंड ने अब जान लेना भी शुरू कर दिया है। औरंगाबाद और मुजफ्फरपुर के बोचहां में (Cold Wave Deaths) की दुखद खबरें सामने आई हैं। कोहरे का सबसे बुरा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है। पटना एयरपोर्ट पर 14 से अधिक विमान रद्द किए गए हैं, वहीं तेजस राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनें 17-17 घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर भी 128 उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री फंसे हुए हैं। स्टेशन और बस स्टैंड पर ठिठुरते यात्रियों की तस्वीरें इस मौसम की भयावहता को बयां कर रही हैं।
डॉक्टरों की सलाह: रबी फसलों पर संकट और स्वास्थ्य का रखें विशेष ध्यान
मौसम की यह मार न केवल इंसानों पर, बल्कि खेती पर भी भारी पड़ रही है। धूप न निकलने के कारण (Rabi Crops Crisis) की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं, चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि इस तापमान में बच्चों और बुजुर्गों को सांस की तकलीफ और हृदय संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्म पानी का सेवन करें, सिर और कान को ढक कर रखें और बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। नए साल का स्वागत इस बार जश्न से ज्यादा सतर्कता के साथ करने की जरूरत है।