BiharWeather – सात जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, तापमान में आई गिरावट
BiharWeather – बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने से लोगों को भीषण गर्मी और हीट वेव से राहत मिली है। कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ने से वातावरण अपेक्षाकृत सुहावना हुआ है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के सात जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार किशनगंज और पूर्णिया में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल में गरज के साथ बारिश और वज्रपात की आशंका व्यक्त की गई है। विभाग ने इन इलाकों के लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।
दक्षिण बिहार में भी बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में भी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बन सकती है। 28 और 29 जून को राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल मानसूनी ट्रफ मोतिहारी के आसपास से होकर गुजर रहा है। उत्तर बिहार में पुरवा हवा का प्रभाव बना हुआ है, जबकि दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में पछुआ हवा सक्रिय है। राजधानी पटना में दोनों हवाओं के मिलन से नमी बढ़ रही है, जिससे गरज वाले बादलों का निर्माण हो रहा है।
मुजफ्फरपुर में मानसूनी बारिश का इंतजार
मुजफ्फरपुर में व्यापक मानसूनी बारिश के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार दिनों तक जिले में अच्छी बारिश की संभावना कम है। हालांकि, इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट वर्षा हो सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमजोर स्थिति को इसके पीछे प्रमुख कारण माना जा रहा है।
जुलाई की शुरुआत में बदल सकते हैं हालात
पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. ए. सत्तार के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाला मानसूनी तंत्र बिहार पहुंचने तक कमजोर पड़ गया है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार भी धीमी हुई है, जिससे बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। फिलहाल 30 जून तक जिले में वर्षा की संभावना 20 से 25 प्रतिशत के बीच बताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि दो जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियां मजबूत होने पर बारिश में तेजी आ सकती है।
तापमान घटा, लेकिन उमस बनी रही
बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तापमान में कमी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान लगभग 36.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से कम रहा। हालांकि, करीब 70 प्रतिशत आर्द्रता और पुरवा हवा के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बदलते मौसम के साथ तापमान में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।