CabinetAge – सम्राट सरकार में युवा और वरिष्ठ नेताओं का दिखा संतुलन
CabinetAge – बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार के मंत्रिमंडल की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है। हाल ही में हुए विस्तार के बाद गठित कैबिनेट में अनुभव और युवा नेतृत्व दोनों का संतुलन देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, इस मंत्रिमंडल की औसत आयु 55.31 वर्ष है। सरकार में सबसे युवा मंत्री श्रेयसी सिंह हैं, जिनकी उम्र 35 वर्ष बताई गई है, जबकि सबसे वरिष्ठ मंत्री और उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव 79 वर्ष के हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उम्र 57 वर्ष है, जो मंत्रिमंडल की औसत आयु से करीब दो वर्ष अधिक है। राजनीतिक जानकार इसे अनुभवी और नए चेहरों के मिश्रण के रूप में देख रहे हैं।
युवा मंत्रियों को भी मिला मौका
नई सरकार में 39 वर्ष से कम आयु के दो नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें दीपक प्रकाश 36 वर्ष के हैं, जबकि श्रेयसी सिंह 35 वर्ष की हैं। दोनों को सरकार में शामिल कर युवाओं को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में युवा चेहरों की भूमिका और मजबूत हो सकती है। खासतौर पर ऐसे समय में जब बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी की भागीदारी को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
40 से 49 वर्ष आयु वर्ग के मंत्री
मंत्रिमंडल में 40 से 49 वर्ष के आयु वर्ग के चार मंत्री शामिल हैं। इनमें संजय सिंह की उम्र 42 वर्ष, श्वेता गुप्ता 44 वर्ष, लखेंद्र रौशन 45 वर्ष और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी 45 वर्ष के हैं।
इस वर्ग के नेताओं को संगठन और प्रशासन दोनों स्तर पर सक्रिय माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस आयु वर्ग के नेताओं को भविष्य की राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
सबसे ज्यादा मंत्री 50 से 59 आयु वर्ग में
सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में सबसे अधिक संख्या 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग के मंत्रियों की है। इस श्रेणी में कुल 19 मंत्री शामिल हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं 57 वर्ष के हैं। विजय कुमार सिन्हा 58 वर्ष, नीतीश मिश्रा 53 वर्ष और मिथिलेश तिवारी 54 वर्ष के हैं।
इसी तरह रमा निषाद 58 वर्ष, प्रमोद चंद्रवंशी 55 वर्ष, संजय सिंह टाइगर 52 वर्ष और कुमार शैलेंद्र 58 वर्ष के बताए गए हैं। अशोक चौधरी, मदन सहनी, जमा खान और बुलो मंडल जैसे कई नेताओं की उम्र भी इसी वर्ग में आती है। यह आयु वर्ग अनुभव और सक्रिय राजनीतिक भागीदारी के लिहाज से सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी
मंत्रिमंडल में 60 से 70 वर्ष आयु वर्ग के कुल नौ मंत्री शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी 66 वर्ष के हैं, जबकि रामकृपाल यादव 69 वर्ष की उम्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हालिया विस्तार में उनका विभाग बदला गया है। पहले वे कृषि विभाग संभाल रहे थे, लेकिन अब उन्हें सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग का प्रभार विजय कुमार सिन्हा को सौंपा गया है।
इसके अलावा श्रवण कुमार 67 वर्ष, अरुण शंकर प्रसाद 64 वर्ष, केदार प्रसाद गुप्ता और दिलीप जायसवाल 62-62 वर्ष के हैं। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को सरकार के लिए अनुभव का आधार माना जा रहा है।
लगभग पूर्ण आकार में पहुंचा मंत्रिमंडल
कैबिनेट विस्तार के बाद बिहार सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 35 हो गई है, जबकि मंत्रिमंडल की अधिकतम सीमा 36 निर्धारित है। इस विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ उम्र के संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ने युवा और अनुभवी नेताओं को साथ लेकर संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है। आने वाले समय में यही टीम राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।