Hypertension – बिना दवा के हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के असरदार तरीके
Hypertension – आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन तेजी से आम होती समस्या बन चुकी है। बदलती लाइफस्टाइल, तनाव, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। डॉक्टर अक्सर नमक कम करने और नियमित दवा लेने की सलाह देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ जरूरी जीवनशैली बदलाव अपनाकर ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। खासकर शुरुआती स्तर पर यह समस्या सही दिनचर्या और हेल्दी आदतों से संभाली जा सकती है।

रोजाना ब्लड प्रेशर जांचना जरूरी
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई बीपी से जूझ रहे लोगों को नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर मॉनिटर करना चाहिए। सुबह आराम की स्थिति में बीपी चेक करने से शरीर की वास्तविक स्थिति का अंदाजा मिलता है। अगर आराम करने या पर्याप्त नींद लेने के बाद भी ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित जांच से यह भी समझ आता है कि किन परिस्थितियों में बीपी ज्यादा बढ़ रहा है।
वजन कम करने से मिल सकती है राहत
मोटापा हाई ब्लड प्रेशर का बड़ा कारण माना जाता है। शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने से दिल पर दबाव बढ़ता है, जिससे बीपी नियंत्रित रखना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर संतुलित भोजन और नियंत्रित कैलोरी सेवन की सलाह देते हैं। कई लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग और नियमित वॉक के जरिए भी वजन घटाने में सफल हो रहे हैं। वजन कम होने के साथ ब्लड प्रेशर पर भी सकारात्मक असर देखने को मिलता है।
एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग का असर
विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ दवा के भरोसे रहने की बजाय नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। खासतौर पर स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज शरीर की नसों और रक्त वाहिकाओं की लचीलापन बढ़ाने में मदद करती हैं। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। योग और हल्की फिजिकल एक्टिविटी भी तनाव कम करने में उपयोगी मानी जाती हैं।
संतुलित खानपान पर देना होगा ध्यान
हेल्दी डाइट हाई बीपी कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाती है। डॉक्टर ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम तेल-मसाले वाला भोजन लेने की सलाह देते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ जिनसे शरीर में इंसुलिन का स्तर संतुलित रहे, वे दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाने की भी सलाह दी जाती है।
नमक, शराब और धूम्रपान से बढ़ता खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एक व्यक्ति को दिनभर में सीमित मात्रा में ही नमक लेना चाहिए। ज्यादा नमक शरीर में पानी रोकता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। इसी तरह शराब और धूम्रपान भी हृदय और रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक असर डालते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि नियमित शराब सेवन और स्मोकिंग छोड़ने के बाद कई लोगों में ब्लड प्रेशर में सुधार देखा गया है।
तनाव और नींद का भी है सीधा संबंध
तनाव को हाई ब्लड प्रेशर की बड़ी वजह माना जाता है। लगातार मानसिक दबाव में रहने से शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो बीपी बढ़ा सकते हैं। मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की तकनीक और पर्याप्त आराम मानसिक तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना भी जरूरी माना गया है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने से पहले मोबाइल और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बनाकर शांत वातावरण में सोना बेहतर रहता है।