EmploymentData – एनसीएस पोर्टल के आंकड़ों में दूसरे स्थान पर है बिहार, बेरोजगार हैं 54 लाख से अधिक पंजीकृत
EmploymentData – रोजगार को लेकर बिहार में लंबे समय से चल रही चर्चा के बीच नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल के ताजा आंकड़ों ने एक महत्वपूर्ण तस्वीर सामने रखी है। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देशभर में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 6.26 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इनमें बिहार के 54.14 लाख से ज्यादा लोगों ने रोजगार की तलाश में अपना पंजीकरण कराया है। इस आंकड़े के साथ बिहार देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य का योगदान कुल पंजीकृत बेरोजगारों का लगभग 8.65 प्रतिशत बताया गया है। इनमें से करीब 26.67 लाख अभ्यर्थी फिलहाल सक्रिय हैं और नियमित रूप से रोजगार संबंधी अवसरों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

रोजगार मेलों में भागीदारी के लिए जरूरी है पंजीकरण
एनसीएस पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थियों को ही रोजगार मेलों और जॉब फेयर में शामिल होने का अवसर मिलता है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी इसी पोर्टल के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों तक पहुंचती हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बिहार में पंजीकृत बेरोजगारों में 27.29 लाख पुरुष और लगभग 26.60 लाख महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 523 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों ने भी रोजगार के लिए अपना पंजीकरण कराया है। इससे स्पष्ट होता है कि रोजगार की तलाश सभी वर्गों में व्यापक रूप से जारी है।
युवाओं की संख्या सबसे अधिक
आयु वर्ग के आधार पर देखें तो 25 से 34 वर्ष के युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। इस वर्ग में करीब 23.44 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है। वहीं 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के 18.13 लाख युवा भी रोजगार की तलाश में पोर्टल से जुड़े हुए हैं। 35 से 44 वर्ष के लगभग 7.90 लाख, 45 से 54 वर्ष के करीब 2.97 लाख और 55 से 64 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 92 हजार लोगों ने भी पंजीकरण कराया है। इसके अलावा 16 से 18 वर्ष के 73 हजार और 64 वर्ष से अधिक आयु के 6,742 लोगों ने भी रोजगार के लिए आवेदन दर्ज कराया है।
विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के अभ्यर्थी शामिल
पोर्टल के आंकड़े बताते हैं कि रोजगार की तलाश केवल उच्च शिक्षित युवाओं तक सीमित नहीं है। सबसे अधिक पंजीकरण नौवीं से बारहवीं तक की शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थियों का है। नौवीं तक पढ़े 15.24 लाख, दसवीं तक शिक्षित 12.97 लाख और बारहवीं तक पढ़े 12.74 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है। स्नातक डिग्रीधारियों की संख्या 5.15 लाख से अधिक है, जबकि 64 हजार से ज्यादा स्नातकोत्तर अभ्यर्थी भी रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दसवीं के बाद डिप्लोमा करने वाले लगभग 25 हजार और 5.62 लाख निरक्षर लोगों ने भी पोर्टल पर नाम दर्ज कराया है। उल्लेखनीय है कि 650 पीएचडी या विशेषज्ञ डिग्रीधारियों ने भी रोजगार के लिए आवेदन किया है।
चुनावी वर्ष में बढ़ी पंजीकरण की रफ्तार
आंकड़ों के अनुसार, पिछले चुनावी वर्ष के दौरान बिहार में एनसीएस पोर्टल पर पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल से अगस्त तक हर महीने हजारों नए अभ्यर्थी जुड़े, जबकि सितंबर में पंजीकरण का आंकड़ा करीब पांच लाख तक पहुंच गया। अक्टूबर में 3.71 लाख और नवंबर में लगभग 1.41 लाख नए पंजीकरण हुए। इसके बाद दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च में भी बड़ी संख्या में लोगों ने रोजगार की उम्मीद में पोर्टल पर अपना नाम दर्ज कराया। वर्षवार आंकड़े भी यही संकेत देते हैं कि हाल के वर्षों में पंजीकरण की संख्या लगातार बढ़ी है।
अन्य राज्यों की तुलना में बिहार की स्थिति
एनसीएस पोर्टल के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या में महाराष्ट्र पहले स्थान पर है, जबकि बिहार दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया है। इसके बाद मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक जैसे राज्यों का स्थान आता है। यह आंकड़े रोजगार की तलाश कर रहे लोगों की संख्या का संकेत देते हैं और इन्हें पोर्टल पर स्वैच्छिक पंजीकरण के आधार पर तैयार किया गया है।