JDU – छोटू सिंह के निष्कासन पर बोले अनंत सिंह, सजा पर उठाए सवाल
JDU- जनता दल (यूनाइटेड) से बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद सिंह उर्फ छोटू सिंह को छह वर्ष के लिए निष्कासित किए जाने के बाद पार्टी के भीतर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने इस कार्रवाई पर अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता से पहली बार गलती हुई हो तो उसे सुधार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतनी कठोर कार्रवाई से पहले पार्टी को दूसरे विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए था।

अनंत सिंह ने जताई नरम रुख की वकालत
JDU- मीडिया से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने कहा कि किसी भी संगठन में कार्यकर्ताओं से भूल हो सकती है। उनके अनुसार, यदि हर छोटी गलती पर निष्कासन जैसा कदम उठाया जाएगा तो संगठन में कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहली बार हुई गलती को माफ करने की परंपरा भी होनी चाहिए, जबकि बार-बार अनुशासनहीनता होने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
फैसले की जानकारी तक सीमित होने की कही बात
अनंत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पूरे विवाद की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल इतना सुना है कि छोटू सिंह को पार्टी से बाहर किया गया है। उन्होंने माना कि किसी कारण से ही पार्टी नेतृत्व ने यह निर्णय लिया होगा, लेकिन उनके अनुसार यदि गलती गंभीर न हो तो संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने और सुधार का अवसर मिलना चाहिए।
पार्टी ने छह साल के लिए किया है निष्कासित
हाल ही में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए अरविंद सिंह उर्फ छोटू सिंह की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसके साथ ही उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा की गई। पार्टी की ओर से यह कार्रवाई संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई बताई गई है।
संगठनात्मक मतभेदों की भी रही चर्चा
राजनीतिक हलकों में चर्चा रही कि हाल में घोषित जदयू की नई प्रदेश टीम में छोटू सिंह को स्थान नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से असहमति जताई थी। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी तीखी बहस हुई थी। हालांकि इन चर्चाओं पर पार्टी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है।
आगे की रणनीति पर रहेगी नजर
छोटू सिंह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से दिखाई देते रहे हैं। ऐसे में उनके निष्कासन के बाद राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर बनी हुई है कि वह आगे क्या कदम उठाते हैं और पार्टी नेतृत्व इस विषय पर कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं।