BiharWeather – 12 जिलों में जारी हुआ भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट
BiharWeather- बिहार में मंगलवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के 12 जिलों के लिए भारी और अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार दरभंगा, कटिहार, पूर्णिया और सुपौल में अत्यधिक वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अररिया, बांका, भागलपुर, जमुई, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी और सहरसा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कई जिलों में वज्रपात की भी चेतावनी
BiharWeather- मौसम विभाग ने पटना, गया, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा समेत कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका भी जताई है। अधिकारियों ने खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने से राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
कई इलाकों में हुई जोरदार वर्षा
सोमवार को मधुबनी जिले के मधवापुर में सबसे अधिक 276.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पश्चिम चंपारण, सारण, सीवान, गोपालगंज, किशनगंज और अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार हाल के दिनों में हुई वर्षा से राज्य में बारिश की कमी कुछ हद तक कम हुई है, हालांकि अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा रही है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम तंत्र
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में अगले कुछ दिनों के भीतर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद 18 और 19 जुलाई के आसपास एक और मौसम तंत्र विकसित हो सकता है। इन प्रणालियों के सक्रिय होने से राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे तापमान में भी आंशिक गिरावट आ सकती है।
राजधानी समेत कई शहरों में रही उमस
सोमवार को राजधानी पटना में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस बनी रही। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा, जबकि जहां बारिश नहीं हुई वहां लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा।
कम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता
भागलपुर सहित कई जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में अब तक अपेक्षित वर्षा की तुलना में काफी कमी रही है। लगातार कम बारिश के कारण धान और अन्य खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि अच्छी वर्षा होती है तो खेती को कुछ राहत मिल सकती है।