Recipe – बिना मैदा और गेहूं के चावल के आटे से बनाएं कुरकुरी मठरी
Recipe- पारंपरिक मठरी का स्वाद पसंद करने वालों के लिए एक अलग विकल्प सामने आया है। यदि आप मैदा, सूजी या गेहूं के आटे का इस्तेमाल किए बिना कुरकुरी मठरी बनाना चाहते हैं, तो चावल के आटे से तैयार होने वाली यह रेसिपी आजमा सकते हैं। सही तरीके से तैयार की जाए तो यह मठरी बाहर से करारी और अंदर से हल्की बनती है। शाम की चाय, बरसात के मौसम या घर आए मेहमानों के लिए यह स्वादिष्ट नाश्ते का अच्छा विकल्प हो सकती है।

चावल के आटे से मिलेगा अलग स्वाद
आमतौर पर मठरी मैदा या गेहूं के आटे से बनाई जाती है, लेकिन चावल के आटे से तैयार मठरी का स्वाद और बनावट दोनों अलग होते हैं। तलने के बाद इसमें अच्छी कुरकुराहट आती है और मसालों का स्वाद भी बेहतर तरीके से महसूस होता है। जो लोग पारंपरिक रेसिपी में कुछ नया जोड़ना चाहते हैं, उनके लिए यह आसान विकल्प माना जा सकता है।
आवश्यक सामग्री
इस रेसिपी के लिए एक कप चावल का आटा, स्वादानुसार नमक, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च, आधा छोटा चम्मच कलौंजी, एक छोटा चम्मच सफेद तिल, बारीक कटे करी पत्ते, दो बड़े चम्मच कटा हरा धनिया, एक छोटा चम्मच लाल मिर्च के टुकड़े, एक बड़ा चम्मच गर्म तेल, जरूरत के अनुसार गर्म पानी और तलने के लिए तेल की आवश्यकता होगी।
इस तरह तैयार करें मठरी
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में चावल का आटा और सभी सूखी सामग्री अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद इसमें गर्म तेल डालकर हाथों से मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं। फिर थोड़ा-थोड़ा गर्म पानी डालते हुए नरम आटा तैयार करें।
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें दो प्लास्टिक शीट या बटर पेपर के बीच रखकर हल्के हाथ से गोल आकार दें। अब कड़ाही में तेल गर्म करें और मध्यम आंच पर मठरियों को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें। तलने के बाद इन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित रख दें।
बेहतर कुरकुरापन के लिए अपनाएं ये उपाय
यदि मठरी को अधिक खस्ता बनाना चाहते हैं, तो आटा तैयार करते समय गर्म तेल का इस्तेमाल जरूर करें। गूंथने के लिए हल्का गर्म पानी उपयोग करने से भी अच्छा परिणाम मिलता है। मठरी का आकार न बहुत मोटा रखें और न ही अत्यधिक पतला। तलते समय आंच मध्यम रखें ताकि मठरी अंदर तक अच्छी तरह पक सके और बाहर से समान रूप से कुरकुरी बने। पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही इसे कंटेनर में भरें, इससे इसकी कुरकुराहट लंबे समय तक बनी रहती है।
कई अवसरों पर परोसी जा सकती है
यह मठरी चाय के साथ हल्के नाश्ते के रूप में परोसी जा सकती है। हरी चटनी, टमाटर की चटनी या दही के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। सही तरीके से स्टोर करने पर इसे कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है, इसलिए यह घर में पहले से तैयार रखे जाने वाले स्नैक्स में भी शामिल की जा सकती है।