Roadways – चलती बस में चालक की तबीयत बिगड़ी, 42 यात्रियों को सुरक्षित बचाकर गई जान
Roadways- उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के मुजफ्फरनगर डिपो में संविदा पर कार्यरत बस चालक सुनील कुमार ने अपनी जान गंवाने से पहले 42 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर मिसाल पेश की। लखनऊ जा रही रोडवेज बस चलाते समय उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द महसूस होने के बावजूद उन्होंने घबराने के बजाय बस को सावधानी से सड़क किनारे रोक दिया। इसके कुछ ही देर बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

यात्रा के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, शामली जिले के बाबरी थाना क्षेत्र के भाजू गांव निवासी सुनील कुमार रविवार रात मुजफ्फरनगर से लखनऊ के लिए बस लेकर निकले थे। बस में उस समय 42 यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब तीन बजे बरेली-लखनऊ हाईवे पर टिसुआ स्थित द्वारिकेश चीनी मिल के पास उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द होने लगा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने पहले बस को सुरक्षित तरीके से सड़क के किनारे खड़ा किया।
यात्रियों और परिचालक ने किया प्राथमिक प्रयास
बस रुकने के बाद चालक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिचालक सर्वेश कुमार और बस में मौजूद कुछ यात्रियों ने उन्हें प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया। हार्ट अटैक की आशंका को देखते हुए सीपीआर भी दिया गया। इसके साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सूचना दी गई। कुछ ही देर में एंबुलेंस मौके पर पहुंची और चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत
प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बरेली जिला अस्पताल रेफर किया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में उनकी मौत हो गई। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम कराया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया।
यात्रियों की यात्रा कराई गई पूरी
घटना के बाद परिवहन विभाग ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की। दूसरे चालक को मौके पर भेजकर बस को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। इसके बाद सभी यात्रियों को दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
कर्तव्यनिष्ठा की हो रही सराहना
सुनील कुमार के निधन से उनके परिवार और गांव में शोक का माहौल है। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालक ने अपनी तबीयत बिगड़ने के बावजूद पहले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण कुमार वाजपेयी ने बताया कि चालक को रास्ते में गंभीर स्वास्थ्य समस्या हुई थी और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि समय रहते बस को सुरक्षित रोक देने से संभावित बड़ा हादसा टल गया।