Job Opportunities – बिहार में रोजगार देने वाली कंपनियों की रुचि बढ़ी, फिर भी कई राज्य आगे…
Job Opportunities– बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में कंपनियों की भागीदारी पहले की तुलना में बेहतर हुई है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो राज्य अभी भी कई बड़े राज्यों से काफी पीछे है। नेशनल कैरियर सर्विस (NCS) पोर्टल के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देशभर में 57 लाख 47 हजार 866 से अधिक नियोक्ता कंपनियों ने पंजीकरण कराया है, जबकि इनमें से बिहार के लिए केवल 2 लाख 69 हजार कंपनियों ने ही रोजगार उपलब्ध कराने की इच्छा जताई है। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य में रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन अभी भी निवेश और रोजगार के मोर्चे पर लंबा सफर तय करना बाकी है।

अन्य राज्यों की तुलना में बिहार की स्थिति
आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र इस सूची में सबसे आगे है, जहां 10 लाख 38 हजार 868 कंपनियों ने रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पंजीकरण कराया है। उत्तर प्रदेश के लिए 5 लाख 90 हजार 927, तमिलनाडु के लिए 3 लाख 70 हजार, राजस्थान के लिए 3 लाख 51 हजार, पश्चिम बंगाल के लिए 3 लाख 27 हजार और मध्य प्रदेश के लिए 3 लाख 24 हजार कंपनियों ने रुचि दिखाई है। गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, असम और झारखंड जैसे राज्यों के लिए भी बड़ी संख्या में कंपनियां पंजीकृत हैं। इन आंकड़ों की तुलना में बिहार की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है।
पंजीकरण का युवाओं को कैसे मिलता है लाभ
नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल पर पंजीकृत कंपनियां विभिन्न राज्यों का चयन कर वहां रोजगार देने की प्रक्रिया में शामिल होती हैं। राज्य और केंद्र सरकार समय-समय पर रोजगार मेले और जॉब फेयर आयोजित करती हैं, जिनमें आमतौर पर उन्हीं कंपनियों को भाग लेने का अवसर मिलता है जिन्होंने संबंधित राज्य के लिए पंजीकरण कराया हो। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को सीधे कंपनियों से जुड़ने और नौकरी पाने का अवसर मिलता है। इसलिए किसी राज्य के लिए अधिक कंपनियों का पंजीकरण होना स्थानीय युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
हाल के वर्षों में बढ़ी कंपनियों की भागीदारी
यदि पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार के प्रति कंपनियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में केवल दो कंपनियों ने राज्य के लिए पंजीकरण कराया था। इसके बाद शुरुआती वर्षों में संख्या सीमित रही, लेकिन वर्ष 2019-20 में यह बढ़कर 775 तक पहुंच गई। वर्ष 2022-23 में इसमें बड़ा उछाल दर्ज हुआ और 39 हजार 598 कंपनियों ने बिहार को चुना। इसके बाद वर्ष 2023-24 में 68 हजार 155 तथा वर्ष 2024-25 में 86 हजार 368 कंपनियों ने पंजीकरण कराया। वर्ष 2025-26 में भी 75 हजार से अधिक कंपनियों ने बिहार के लिए अपनी रुचि दर्ज कराई, जिससे यह संकेत मिलता है कि राज्य रोजगार के क्षेत्र में धीरे-धीरे अधिक आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
रोजगार बढ़ाने की दिशा में आगे की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में कंपनियों की बढ़ती भागीदारी सकारात्मक संकेत है, लेकिन रोजगार के अवसरों को और व्यापक बनाने के लिए उद्योग, निवेश और कौशल विकास पर लगातार काम करने की आवश्यकता होगी। यदि अधिक कंपनियां राज्य में पंजीकरण कर स्थानीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती हैं, तो इसका सीधा लाभ रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को मिल सकता है। आने वाले वर्षों में सरकारी प्रयासों और निजी क्षेत्र की भागीदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।