MissingPerson – कैमूर में मृत घोषित बुजुर्ग 50 दिन बाद घर लौटे, पहचान प्रक्रिया पर उठे सवाल
MissingPerson – बिहार के कैमूर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरानी में डाल दिया है। जिस 71 वर्षीय बुजुर्ग को परिवार ने मृत मानकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह करीब 50 दिन बाद अचानक अपने घर लौट आए। बुजुर्ग को सकुशल देखकर परिवार के सदस्य पहले स्तब्ध रह गए, लेकिन कुछ ही देर में यह पल खुशी में बदल गया। अब सबसे बड़ा सवाल उस अज्ञात शव की पहचान को लेकर खड़ा हो गया है, जिसका पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है।

लापता होने के बाद मिली थी अज्ञात शव की सूचना
जानकारी के अनुसार, चांद थाना क्षेत्र के कुढ़नू गांव निवासी 71 वर्षीय शहाबु मियां पिछले महीने अचानक लापता हो गए थे। इसी दौरान 16 जून को चंदोश मार्ग पर एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। शव की पहचान कराने के उद्देश्य से उसका फोटो स्थानीय पंचायत समूहों में साझा किया गया। इसके बाद सिरहिरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि ने पुलिस को बताया कि शव शहाबु मियां का हो सकता है। सूचना मिलने पर परिजनों को बुलाया गया और बेटे ने शव की पहचान अपने पिता के रूप में की।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने किया अंतिम संस्कार
पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम भभुआ सदर अस्पताल में कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिन्होंने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार भी कर दिया। उस समय सभी को यही विश्वास था कि लापता बुजुर्ग की मृत्यु हो चुकी है और मामला समाप्त हो गया है।
अचानक घर लौटे शहाबु मियां, परिवार और पुलिस दोनों चौंके
करीब 50 दिन बाद, 4 अगस्त को सूचना मिली कि शहाबु मियां जीवित हैं और अपने गांव लौट आए हैं। इस खबर के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान का सत्यापन किया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि बुजुर्ग पूरी तरह जीवित हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी और आगे के निर्देशों की प्रतीक्षा शुरू कर दी।
अब अज्ञात शव की वास्तविक पहचान सबसे बड़ा सवाल
बुजुर्ग के जीवित मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा इस बात की है कि आखिर वह शव किस व्यक्ति का था, जिसकी पहचान शहाबु मियां के रूप में हुई और जिसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। यह मामला अब पहचान प्रक्रिया और प्रारंभिक सत्यापन को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस ने इस पहलू को जांच का हिस्सा बनाया है और अज्ञात शव की वास्तविक पहचान का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की विस्तृत जांच
चांद थाना पुलिस के अनुसार, मामले से संबंधित सभी तथ्यों की दोबारा समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम दस्तावेज और पहचान से जुड़ी प्रक्रिया की जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शुरुआती स्तर पर भ्रम कैसे पैदा हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।