MLC – दीपक प्रकाश के विधान परिषद पहुंचने पर उपेंद्र कुशवाहा ने जताया आभार
MLC– बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किए जाने के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस नियुक्ति की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं का धन्यवाद किया। दीपक प्रकाश के एमएलसी बनने के साथ ही उनके मंत्री पद को लेकर चल रही संवैधानिक स्थिति भी स्पष्ट हो गई है।

सोशल मीडिया पर साझा की अधिसूचना
उपेंद्र कुशवाहा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खाते पर बिहार सरकार की राजपत्र अधिसूचना साझा की, जिसमें राज्यपाल द्वारा दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किए जाने की जानकारी दी गई है। यह सीट भाजपा के पूर्व एमएलसी देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। पिछले सप्ताह उनके त्यागपत्र के बाद इस पद पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की गई।
एनडीए नेतृत्व का किया धन्यवाद
दीपक प्रकाश के मनोनयन के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान और हम के संरक्षक जीतनराम मांझी के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस निर्णय के लिए एनडीए के सभी सहयोगी दलों का धन्यवाद किया।
मंत्री पद को लेकर उठ रहे थे सवाल
पिछले कुछ समय से दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर चर्चा चल रही थी क्योंकि वह न तो विधानसभा और न ही विधान परिषद के सदस्य थे। इस मुद्दे पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से सवाल पूछे गए थे। इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और रिक्त हुई विधान परिषद की सीट पर उन्हें मनोनीत कर दिया गया।
संवैधानिक स्थिति हुई स्पष्ट
संविधान के प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बने अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री रह सकता है। दीपक प्रकाश को 7 मई 2026 को सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान दोबारा मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। अब विधान परिषद की सदस्यता मिलने के बाद उनके मंत्री पद पर बने रहने को लेकर उठ रहे सवाल समाप्त हो गए हैं। अधिसूचना के अनुसार उनका कार्यकाल 16 मार्च 2027 तक रहेगा।
पहले भी थी परिषद पहुंचने की चर्चा
जून 2026 में विधान परिषद की नौ सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव के दौरान भी दीपक प्रकाश के नाम की चर्चा हुई थी, लेकिन उस समय उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया था। इसके बाद उनके मंत्री पद के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। अब राज्यपाल के मनोनयन के जरिए उन्हें विधान परिषद भेजे जाने से यह राजनीतिक अनिश्चितता खत्म हो गई है।