Monsoon – जून में कमजोर बारिश से बिहार में बढ़ी गर्मी, खेती पर गहराई चिंता
Monsoon – बिहार में इस वर्ष भी जून के दौरान मानसून अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ सका है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे कई जिलों में भीषण गर्मी और लू जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं। बारिश की कमी का असर केवल तापमान पर ही नहीं, बल्कि खेती और भूजल स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो किसानों की चिंता और बढ़ सकती है।

लगातार चौथे साल जून में कमजोर रहा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार जून का महीना मानसून के आगमन का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, लेकिन पिछले चार वर्षों की तरह इस बार भी वर्षा सामान्य से कम रही है। अभी तक राज्य में लगभग 115.5 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक बारिश करीब 60.1 मिमी दर्ज की गई है। यानी राज्य में करीब 48 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। इससे तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है और कई इलाकों में लू का असर देखने को मिल रहा है।
कई जिलों में हीट वेव से बढ़ी मुश्किलें
कम बारिश का सबसे अधिक असर दक्षिण और पश्चिम बिहार के जिलों में देखा जा रहा है। कैमूर में लगातार कई दिनों से हीट वेव की स्थिति बनी हुई है, जबकि रोहतास, बक्सर और शेखपुरा जैसे जिलों में भी गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पटना और औरंगाबाद में भी अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग पांच डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया। सुबह से शाम तक तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
पिछले एक दशक का रुझान भी चिंता बढ़ाने वाला
मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2016 से 2025 के बीच केवल तीन वर्षों में जून के दौरान सामान्य या उससे अधिक बारिश हुई। बाकी अधिकांश वर्षों में मानसून कमजोर रहा। वर्ष 2022, 2021 और 2020 में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि अन्य वर्षों में बारिश का स्तर अपेक्षाकृत कम रहा। लगातार कमजोर मानसून का असर कृषि उत्पादन और जल संसाधनों पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों ने जताई आगे सुधार की उम्मीद
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक आशीष कुमार का कहना है कि जून में कम बारिश का रुझान पिछले कुछ वर्षों से लगातार देखा जा रहा है। उनके अनुसार इस बार भी जून के लिए सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान पहले ही जारी किया गया था। हालांकि पूरे मानसून सीजन के दौरान वर्षा की स्थिति में सुधार होने की संभावना बनी हुई है, जिससे कुल मौसमी बारिश बेहतर हो सकती है।
उत्तर बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत
गुरुवार को राजधानी पटना में दिनभर तेज गर्मी रही, लेकिन देर रात हल्की बूंदाबांदी से लोगों को कुछ राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण उत्तर बिहार में अगले कुछ दिनों में बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अररिया, कटिहार, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया और सुपौल सहित कई जिलों के लिए मेघगर्जन और भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। विभाग का अनुमान है कि इन इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।