बिहार

Pension- दूसरी मुस्लिम पत्नी को फैमिली पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता: पटना हाईकोर्ट

Pension– पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि जब तक देश में समान नागरिक संहिता (UCC) या ऐसा कोई नया कानून लागू नहीं होता जो मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह पर रोक लगाता हो, तब तक मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत संपन्न दूसरी शादी को वैध माना जाएगा। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में दूसरी पत्नी को केवल इसी आधार पर पारिवारिक पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता कि पहली पत्नी के रहते विवाह हुआ था।

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दूसरी पत्नी की याचिका पर सुनाया फैसला

यह आदेश न्यायमूर्ति पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने नजमा खातून की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि उनके पति मोहम्मद उस्मान स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में पेंशन भुगतान आदेश (PPO) में संशोधन का अनुरोध करते हुए पहली पत्नी और उनके पुत्र का नाम हटाकर दूसरी पत्नी नजमा खातून तथा उनसे जन्मी पुत्री का नाम दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था।

पति के निधन के बाद नजमा खातून ने पारिवारिक पेंशन के लिए आवेदन किया, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए दावा अस्वीकार कर दिया कि पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी वैध नहीं मानी जा सकती। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

मुस्लिम पर्सनल लॉ का हवाला

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जब तक विधायिका इस विषय में कोई नया कानून नहीं बनाती, तब तक मुस्लिम समुदाय के वैवाहिक अधिकार और दायित्व मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार ही तय होंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी मुस्लिम पुरुष के विवाह की वैधता का मूल्यांकन उसी व्यक्तिगत कानून के आधार पर किया जाएगा, जो उस पर लागू होता है। हालांकि, यदि किसी सरकारी सेवा नियम में स्पष्ट कानूनी प्रतिबंध हो तो स्थिति अलग हो सकती है।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि नजमा खातून के मामले में नियमानुसार पारिवारिक पेंशन देने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

पूरे बिहार में Video Conferencing से होगी सुनवाई

इसी बीच बिहार में न्यायिक प्रक्रिया को और आधुनिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब राज्यभर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अभियोजन निदेशक सुधांशु कुमार चौबे ने बताया कि ‘न्याय श्रुति’ प्रणाली के तहत वीडियो ट्रायल का सफल परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और पटना हाईकोर्ट की ओर से इसके लिए Go-Live प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया है।

समीक्षा बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद

मंगलवार को गृह सचिव कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में CCTNS की प्रगति और नई डिजिटल व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB), गृह विभाग, पटना हाईकोर्ट, NIC, TCS और BELTRON के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।

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