RailUpdate – मई में निर्माण कार्य से प्रभावित रहेंगी बिहार की कई ट्रेनें
RailUpdate – डीडीयू और लखनऊ रेल मंडल में चल रहे आधारभूत ढांचे के काम के कारण मई महीने में यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। 4 मई से 27 मई के बीच पटना समेत बिहार से जुड़ी कुल 28 ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। रेलवे प्रशासन ने बताया है कि गया और जौनपुर स्टेशनों पर होने वाले तकनीकी कार्यों के चलते कुछ ट्रेनों को रद्द, कुछ को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा, जबकि कुछ सेवाओं को आंशिक रूप से समाप्त किया गया है।

इस दौरान यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।
गया स्टेशन पर कार्य के कारण ट्रेनें रद्द
रेलवे अधिकारियों के अनुसार गया स्टेशन पर प्लेटफॉर्म लाइन से जुड़े संरचनात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इसके तहत लाइन संख्या एक के सीसी एप्रन को हटाने का काम निर्धारित किया गया है।
इस वजह से 4 मई से 16 मई तक पटना-गया और गया-पटना के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से रद्द रहेंगी। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया गया है, जिनमें मार्ग परिवर्तन और आंशिक समापन शामिल हैं।
कई ट्रेनों का बदला गया रूट
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, इस अवधि में कई प्रमुख ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा। पटना-गोमतीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को जफराबाद, सुलतानपुर और अयोध्या कैंट के रास्ते चलाया जाएगा।
मार्ग परिवर्तन के कारण इस ट्रेन का अयोध्या धाम स्टेशन पर ठहराव नहीं होगा। इसी तरह कोटा-पटना एक्सप्रेस को भी चयनित तिथियों पर बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा।
इंदौर-पटना एक्सप्रेस सहित अन्य कुछ ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है, जिससे कुछ प्रमुख स्टेशनों पर उनका ठहराव अस्थायी रूप से समाप्त रहेगा।
जौनपुर यार्ड में भी हो रहा है कार्य
जौनपुर स्टेशन पर यार्ड के पुनर्निर्माण का कार्य भी इसी अवधि में किया जा रहा है। इस कारण पटना-गोमतीनगर वंदे भारत सहित कुल 16 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जाएगा।
रेलवे का कहना है कि इन कार्यों का उद्देश्य भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल सेवाएं सुनिश्चित करना है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ ट्रेनों का आंशिक संचालन
इस दौरान कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट कर चलाने का निर्णय लिया गया है। यानी ये ट्रेनें अपने निर्धारित अंतिम स्टेशन तक नहीं जाएंगी, बल्कि बीच के किसी स्टेशन तक ही संचालित होंगी।
गंगा दामोदर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी निर्धारित समय में बदले हुए मार्ग से चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।
यात्रियों के लिए सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि कर लें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और हेल्पलाइन के जरिए ट्रेन की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
इसके साथ ही, जिन ट्रेनों का मार्ग बदला गया है या जिनका ठहराव हटाया गया है, उन यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
रेलवे का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सेवाएं सामान्य हो जाएंगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।