Revenue – बिहार में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल से जमीन कार्य प्रभावित
Revenue – बिहार में राजस्व अधिकारियों की जारी हड़ताल का असर अब आम लोगों के दैनिक कार्यों पर साफ तौर पर दिखने लगा है। अंचल स्तर से लेकर जिला कार्यालयों तक जमीन से जुड़े कई जरूरी काम धीमे पड़ गए हैं। दाखिल-खारिज, मापी और रिकॉर्ड सुधार जैसे मामलों के लिए लोग दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। राज्य सरकार की ओर से कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद हड़ताल समाप्त होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं।

जमीन से जुड़े हजारों मामले लंबित
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अंचल कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में जमीन से जुड़े मामले आते हैं। इनमें दाखिल-खारिज के करीब पांच हजार आवेदन प्रतिदिन दर्ज होते हैं, जबकि परिमार्जन से जुड़े लगभग दस हजार और मापी के 1200 से अधिक मामले सामने आते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक ऐसे आठ लाख से अधिक मामलों का निपटारा लंबित रह गया है। अधिकारियों की हड़ताल नहीं होती तो इनमें से बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हो सकता था।
हड़ताली संगठन की मांगें अब भी बरकरार
राजस्व अधिकारियों के संगठन ने अपनी मांगों को लेकर रुख सख्त बनाए रखा है। उनका कहना है कि जब तक डीसीएलआर पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक सामूहिक अवकाश जारी रहेगा। संघ के प्रतिनिधियों ने सरकार से बातचीत के जरिए सम्मानजनक समाधान निकालने की अपील की है, ताकि कामकाज सामान्य हो सके।
सरकार का दावा, सेवाएं जारी रखने की कोशिश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कहना है कि राज्य में सेवाओं को पूरी तरह ठप नहीं होने दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार, कई अधिकारी अभी भी काम कर रहे हैं और हाल ही में नई बैच के अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारियों पर लौट आए हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि पिछले कुछ दिनों में हजारों मामलों का निपटारा किया गया है, जिससे लंबित मामलों को कम करने की कोशिश जारी है।
प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व कार्यों की नियमित निगरानी करें। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आम नागरिकों को सेवाएं देने में किसी तरह की बाधा न आए। प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को बिना किसी रुकावट के राजस्व सेवाएं मिलें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें और अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही, यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता को हो रही परेशानी बनी चिंता का विषय
लगातार जारी हड़ताल के कारण आम लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जमीन से जुड़े छोटे-छोटे काम भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ऐसे में सरकार और हड़ताली अधिकारियों के बीच जल्द समाधान निकलना जरूरी माना जा रहा है, ताकि स्थिति सामान्य हो सके।